मां-बेटे की घर में हत्या कर दी जाती है. पुलिस को कॉल पर इसकी सूचना दी जाती है. लेकिन पुलिस हत्यारों की तलाश में 7 महीने तक भटकती रहती है. आखिरकर पुलिस इस हत्याकांड से पर्दा उठाती है और हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है. यह किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसा लगता है. पंढरपूर की 'कुंभार गली' का माँ-बेटे का दोहरा हत्याकांड आखिर 7 महीने बाद सुलझ गया है. चौंकाने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति ने पुलिस को फोन करके हत्या की जानकारी दी और जांच के सुझाव दिए, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला. पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को बड़ी चालाकी से गिरफ्तार किया है.
बाप-बेटे की हुई थी हत्या-
15 जुलाई 2025 को कुंभार गली के रहने वाले 45 साल की सुरेखा संजय जगताप और उनके बेटे 24 साल के लखन संजय जगताप की उनके घर में ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. घटना के समय कोई भी सबूत या चश्मदीद गवाह न होने के कारण पुलिस के सामने इस मामले को सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी.
फिल्मी स्टाइल में हत्यारे ने दी पुलिस को सूचना-
आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए शुरू से ही कई चालें चलीं. हत्या की खबर देने वाला आरोपी खुद पुलिस के पास जाकर जांच में मदद करने का नाटक कर रहा था. हालांकि, संदेह गहराने पर पुलिस ने उन पर कड़ी निगरानी रखी. तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी को राजस्थान के जोधपुर से और दो अन्य को पंढरपूर से हिरासत में लिया.
हत्याकांड में 3 आरोपी गिरफ्तार-
इस हत्याकांड में गिरफ्तार तीन आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह हत्या व्यक्तिगत रंजिश, या अनैतिक संबंधों के चलते किए जाने की चर्चा है.
यह पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशांत डगले के मार्गदर्शन में उनकी टीम द्वारा की गई. आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है.
(नितिन शिंदे की रिपोर्ट)
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