पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 4 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, ये चारों संदिग्ध पिछले तीन महीने से ज्यादा समय से पुरुलिया शहर के एक होटल में रह रहे थे. खास बात यह थी कि चारों पुरुष होने के बावजूद महिलाओं के कपड़े, जैसे साड़ी, नाइटी और सलवार-सूट पहनकर रहते थे. पुलिस के मुताबिक, इसी वजह से होटल के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को भी उन पर शक नहीं हुआ.
13 सितंबर को साड़ी में दिखा था संदिग्ध-
मामला उस समय सामने आया जब 13 सितंबर को रघुनाथपुर शहर में साड़ी पहने एक संदिग्ध व्यक्ति को घूमते हुए देखा गया. पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम मोहम्मद तौहीद मंडल बताया. पुलिस के अनुसार, वह बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के हाबासपुर गांव का रहने वाला है.
तौहीद मंडल ने पुलिस को क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, तौहीद मंडल ने पूछताछ में बताया कि वह कुछ अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के साथ 1 सितंबर को नदिया जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र से कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुआ था. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने पुरुलिया टाउन थाना क्षेत्र के एक होटल में छापेमारी कर तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया.
इनकी पहचान मोहम्मद जाहिद इमन, सुमन शेख और शांत हुसैन के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, इनके पते बांग्लादेश के राजबाड़ी और कुश्टिया जिलों के हैं. चारों को फिलहाल रघुनाथपुर के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. पुलिस ने इन्हें बांग्लादेश वापस भेजने के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
महिला के आधार कार्ड से बुक किए थे होटल-
जांच में यह भी सामने आया कि चारों संदिग्ध पुरुलिया शहर के जिस होटल में रह रहे थे, वहां कमरा उत्तर 24 परगना की रहने वाली मनी सरकार नाम की एक महिला के आधार कार्ड के जरिए बुक किया गया था. होटल मालिक के मुताबिक, कमरे के लिए उन्होंने केवल एक व्यक्ति का आधार कार्ड लिया था. हालांकि, उस कमरे में चार लोग रह रहे थे.
होटल मालिक ने क्या कहा?
होटल मालिक नजरुल हक ने पूछताछ के दौरान बताया कि मनी सरकार के नाम से कमरा लिया गया था और उसके साथ अन्य लोग भी आते-जाते थे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनमें से कोई बांग्लादेशी नागरिक है. होटल मालिक के मुताबिक, वे लोग कभी दो दिन रुकते थे तो कभी चले जाते थे.
महिलाओं के कपड़े में आते थे- सुरक्षा गार्ड
वहीं, होटल के सुरक्षा गार्ड सनातन दां ने बताया कि उन्हें भी उन लोगों पर कभी शक नहीं हुआ. उनके मुताबिक, वे लोग कभी साड़ी तो कभी नाइटी और सलवार-पंजाबी जैसे कपड़े पहनते थे. वे टोटो से बाहर जाते और फिर वापस होटल लौट आते थे.
कभी शक नहीं हुई- होटल कर्मचारी
होटल कर्मचारी तुला कालिंदी ने भी बताया कि वह उन्हें अक्सर सीढ़ियों से ऊपर जाते हुए देखती थीं. उनके मुताबिक, वे साड़ी पहने होते थे और देखने में बिल्कुल महिलाओं जैसे लगते थे, इसलिए उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि वे पुरुष हैं.
पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक कथित तौर पर सीमा पार कर पुरुलिया तक कैसे पहुंचे और इतने लंबे समय तक एक होटल में कैसे ठहरे रहे. एक ही आधार कार्ड के जरिए कई लोगों के होटल में रहने की जानकारी होटल प्रबंधन और पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है.
पुलिस तलाश रही उनका मकसद-
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये चारों लोग पुरुलिया में किस उद्देश्य से आए थे, उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और होटल में रहने के दौरान वे किन गतिविधियों में शामिल थे. हालांकि, इन सभी पहलुओं पर पुलिस की जांच अभी जारी है.
फिलहाल चारों संदिग्ध पुलिस की हिरासत में हैं और उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने से पहले आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
(अनिल गिरी की रिपोर्ट)
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