यूपी के सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र के जनियाजोत गांव में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब विवाह के 24 घंटे के अंदर नवदंपति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर मिला. दूल्हे का शव छत पर लगी कुंडी में साड़ी के फंदे से लटकता मिला, जबकि दुल्हन जमीन पर लगे बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी मिली. आनन-फानन में परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद मौके पर बांसी कोतवाली पुलिस पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच में जुट गई है.
प्रेम प्रसंग के बाद हुई थी शादी-
पूरे मामले की बात करें तो जनियाजोत गांव निवासी 21 वर्षीय देशराज चौहान का जोगिया थाना क्षेत्र के कड़जहवा निवासी अनीता चौहान के साथ काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. दोनों के परिजनों ने उनके प्रेम सम्बन्ध को स्वीकार करते बीते 3 माह पहले शादी तय कर दी थी.
बिना शादी के लड़के के घर पहुंच गई लड़की-
देशराज चौहान शादी की वजह से लगभग 20 दिन पहले मुंबई से गांव लौटा. देशराज के गांव आने की जानकारी जब अनीता को हुई, तो वह 15 दिन पहले उसके घर आ पहुंची और वहीं रहने लगी. इसके बाद दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से सोमवार को बांसी स्थित टेकधर मंदिर में दोनों का विवाह संपन्न करा दिया.
सुहागरात के बाद मिली दोनों की लाश-
शादी के बाद घर आये रिश्तेदार भोजन करके छत में सोने चले गये. मंगलवार की सुबह देशराज की मौसी दूल्हा-दुल्हन को जगाने कमरे में गईं और आवाज दी तो कमरे से कोई आवाज नहीं आई. कमरे के दरवाजे को धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया. अंदर का नजारा देखते ही उनके होश उड़ गए. कमरे के अंदर देशराज साड़ी के फंदे से लटक रहा था, जबकि पास ही जमीन पर लगे बिस्तर पर अनीता मृत पड़ी हुई थी.
घरवालों ने दी पुलिस को सूचना-
जिसके बाद मौसी के चिल्लाने पर घर व आसपास के लोग एकत्र हो गए. देशराज के पिता ने घटना की जानकारी बांसी कोतवाली पुलिस को दी. सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पुलिस पहुंची और फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. एक दिन पहले जिस घर में शहनाइयां बज रही थीं, वहां अचानक दोनों परिवारों में कोहराम मच गया. पूरे इलाके में तरह-तरह की लोग चर्चाएं कर रहे हैं. लेकिन किसी के समझ मे यह नहीं आ रहा हैं कि शादी के कुछ घंटे बाद ही ऐसी घटना कैसे घट गई?
देशराज चौहान के पिता मुकेश चौहान दिल्ली में सब्जी का व्यापार करते हैँ. वहीं, देशराज मुंबई में भंगार का काम करते थे.
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