Son Murders His Father: 10 बिस्वा जमीन की लालच में कलयुगी बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता को मार डाला, पोते ने भी हत्या करने में दिया साथ  

UP News: यूपी के सुल्तानपुर में एक कलयुगी बेटे 10 बिस्वा जमीन की लालच में अपने बुजुर्ग पिता की हत्या कर दी. इस हत्या में पोते ने भी साथ दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आइए पूरा मामला जानते हैं. 

Accused in police custody
gnttv.com
  • सुल्तानपुर,
  • 31 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

यूपी के सुल्तानपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में अपने पिता की कलयुगी बेटे और पोते ने मिलकर हत्या कर दी. 10 बिस्वा जमीन की लालच में की गई इस वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपी पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

गांव के बाहर नाले के पास मिला था शव 
दरअसल, चार दिन पहले एक वृद्ध का शव गांव के बाहर एक सूखे नाले के पास मिला था, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. मामला दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर खुर्द गांव का है. मृतक की पहचान 70 वर्षीय रामदयाल यादव के रूप में हुई. वह ई-रिक्शा चलाकर अपना जीवन यापन करते थे और पिछले कई दिनों से लापता थे. परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई थी. 

पुलिस जांच में हुआ खुलासा
बीते बुधवार को गांव के एक डिग्री कॉलेज से करीब 200 मीटर दूर सूखे नाले के किनारे उनका शव बरामद हुआ. शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि राम दयाल की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके बेटे गुड्डू यादव उर्फ राम गिरी और उसके 18 वर्षीय बेटे आकाश यादव ने मिलकर की थी. दोनों आरोपी पिता पुत्र ने गला दबाकर रामदयाल यादव की हत्या कर दी और शव को नाले के पास फेंक दिया था.

...तो इस आशंका में पिता को मार डाला
सीओ कादीपुर विनय गौतम के अनुसार, रामदयाल यादव के नाम करीब 10 बिस्वा जमीन थी. आरोपी बेटे को आशंका थी कि उसके पिता जमीन बेचकर छोटे बेटे को आर्थिक मदद कर सकते हैं. इसी शक और लालच ने उसे इतना अंधा बना दिया कि उसने अपने बेटे के साथ मिलकर पिता की ही हत्या की साजिश रच डाली. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों का पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है. कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया. 

(नितिन श्रीवास्तव की रिपोर्ट) 

 

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