Advertisement

60-65 की उम्र में फिर बने छठी क्लास के बच्चे, 30 दोस्तों ने स्कूल पहुंचकर खेला पिठ्ठू-गिल्ली डंडा

दरअसल, यह पूरा मामला करीब 7 साल पुराने एक वीडियो से जुड़ा है. राजा मंडी गोकुलपुरा निवासी राकेश नागर के मुताबिक, दोस्तों ने साल 2019 में अपने यूट्यूब चैनल के लिए यह वीडियो बनाया था. उस समय वीडियो को करीब 1500 व्यू मिले थे.

करीब 30 दोस्तों ने दोबारा पहनी स्कूल की ड्रेस
अरविंद शर्मा
  • आगरा,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:02 PM IST

कहते हैं उम्र सिर्फ शरीर की होती है, यादों की नहीं...

उत्तर प्रदेश में आगरा गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां 60 से 65 साल की उम्र पार कर चुके दोस्तों ने कुछ घंटों के लिए अपनी उम्र को जैसे पीछे छोड़ दिया. सफेद कमीज, काली पैंट और गले में पानी की बोतल... बिल्कुल छठी क्लास के बच्चों की तरह ये दोस्त अपने पुराने स्कूल पहुंचे और फिर शुरू हुआ बचपन को दोबारा जीने का सिलसिला.

किसी ने स्कूल के गेट से दौड़ते हुए एंट्री की, तो कोई दोस्तों के साथ नाचते-गाते क्लास तक पहुंचा. क्लासरूम में पहुंचकर कोई बेंच पर बैठा तो किसी ने पुराने दिनों वाली शरारत शुरू कर दी. इसके बाद दोस्त स्कूल के मैदान में पहुंचे और पिठ्ठू यानी सात पत्थरों का खेल और गिल्ली-डंडा खेलने लगे.

खास बात यह है कि इन दोस्तों की उम्र भले ही 60 से 65 साल हो चुकी है, लेकिन खेल के दौरान उनके चेहरों पर वही उत्साह नजर आया, जो कभी स्कूल के दिनों में हुआ करता था. कोई दोस्तों का हाथ पकड़कर मस्ती करता दिखा तो कोई रेलगाड़ी बनाकर स्कूल में दौड़ता नजर आया.

7 साल पहले बनाया था वीडियो
दरअसल, यह पूरा मामला करीब 7 साल पुराने एक वीडियो से जुड़ा है. राजा मंडी गोकुलपुरा निवासी राकेश नागर के मुताबिक, दोस्तों ने साल 2019 में अपने यूट्यूब चैनल के लिए यह वीडियो बनाया था. उस समय वीडियो को करीब 1500 व्यू मिले थे.

हाल ही में वीडियो के कुछ हिस्सों को नए वॉइसओवर के साथ इंस्टाग्राम पर दोबारा पोस्ट किया गया. इसके बाद लोगों का ध्यान इस वीडियो पर गया और बड़ी संख्या में लोग इसे देख और शेयर करने लगे.

करीब 30 दोस्तों ने दोबारा पहनी स्कूल की ड्रेस
इस खास वीडियो में करीब 30 पुराने दोस्त शामिल हुए थे. इनमें रिटायर्ड IPS अधिकारी, डॉक्टर, अकाउंटेंट, शिक्षक और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर चुके लोग शामिल थे. यानी जिंदगी ने सबको अलग-अलग रास्तों पर पहुंचा दिया, लेकिन स्कूल की दोस्ती ने इन सभी को फिर एक जगह ला खड़ा किया.

इन दोस्तों का ग्रुप भी अचानक नहीं बना. राकेश के मुताबिक, करीब 10 साल पहले उनके दोस्त केशव शर्मा ने पुराने सहपाठियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था. धीरे-धीरे स्कूल के दूसरे दोस्त भी इसमें जुड़ते गए.

एक दिन राकेश ने इसी ग्रुप में स्कूल की पुरानी यादों पर वीडियो बनाने का आइडिया रखा. दोस्तों को विचार पसंद आया और फिर तय हुआ कि सिर्फ बातें नहीं होंगी, बल्कि एक बार फिर स्कूल जाकर उसी दौर को जिया जाएगा.

टीचर ने समझाया तो मिली शूटिंग की इजाजत
शूटिंग के लिए स्कूल पहुंचना भी इतना आसान नहीं था. शुरुआत में स्कूल में शूटिंग की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद शिक्षक डॉ. जनक सिंह सिसोदिया ने प्रिंसिपल को पूरी बात समझाई. अनुमति मिलने के बाद दोस्तों ने स्कूल में शूटिंग की और अपने बचपन को कैमरे में कैद कर लिया.

राकेश ने बताया कि उन्होंने इसी स्कूल में साल 1971 में छठी क्लास में दाखिला लिया था और 1976 में दसवीं पास की. स्कूल के दिनों में मंच पर अभिनय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे. आगे चलकर उन्होंने अलग-अलग जगह काम किया और बाद में गायन से भी जुड़े.

उम्र बढ़ी, लेकिन दोस्ती नहीं बदली
इस वीडियो की सबसे खास बात सिर्फ यह नहीं कि बुजुर्ग दोस्त स्कूल की यूनिफॉर्म पहनकर बच्चों की तरह खेलते नजर आए. असली कहानी उन रिश्तों की है, जो स्कूल से निकलने के दशकों बाद भी बने रहे. ये दोस्त आज भी एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं और समय-समय पर मिलते हैं. वीडियो में भी उनकी हंसी, मस्ती और खेल के बीच करीब पांच दशक पुरानी दोस्ती साफ दिखाई देती है. जिंदगी ने इन दोस्तों को बड़ा कर दिया, जिम्मेदारियां दे दीं, उम्र बढ़ा दी... लेकिन स्कूल की घंटी, दोस्तों की शरारत और बचपन की वो यादें आज भी वहीं हैं. शायद यही वजह है कि सात साल पहले बनाया गया यह वीडियो अब दोबारा लोगों को अपने बचपन और पुराने दोस्तों की याद दिला रहा है. इस वीडियो राजकीय इंटर कॉलेज में जाकर बनाया है. हमने दिखाया है कि जब हम छोटे-छोटे बच्चे थे साथ में पढ़ते थे फीलिंग आए इसलिए बैग और बोतल लेकर इकट्ठे हुए और जितने भी दोस्त थे उन्होंने वहां जाकर प्ले किया.

ये भी पढ़ें:
 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement