फैशन की दुनिया में रंग सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि एक कहानी भी कहते हैं लेकिन बिहार से निकले एक डिजाइनर ने अपनी मां के पसंदीदा रंग सफेद को ही अपनी पहचान बना दिया. कभी जिस रंग को लेकर समाज में कई तरह की बंदिशें थीं, उसी रंग को अमन वर्मा ने फैशन की दुनिया में एक नई पहचान दी. मां की एक पसंद.. बचपन की एक याद.. और फिर उसी याद से बना Shwetanga नाम का फैशन लेबल. ये कहानी है बिहार में पले-बढ़े फैशन डिजाइनर अमन वर्मा की. बचपन में अमन ने अपनी मां को सफेद साड़ी पसंद करते देखा, लेकिन सामाजिक मान्यताओं की वजह से वो इसे अक्सर पहन नहीं पाती थीं. अमन के मन में सवाल उठा अगर किसी को कोई रंग पसंद है, तो उसे पहनने से रोकने की वजह क्या है? यही सवाल सालों तक उनके साथ रहा. आगे चलकर यही उनके फैशन ब्रांड की नींव बना,
फैशन की दुनिया में बनाई अलग पहचान
अमन वर्मा NIFT से पढ़े हैं और 32 साल की उम्र में फैशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. अमन की कहानी सिर्फ ग्लैमर की कहानी नहीं है. अपने माता-पिता को महामारी के दौरान खोने के बाद, उनके काम में मां की याद और भी गहराई से जुड़ गई. उन्होंने 2021 में दिल्ली बेस्ड फैशन लेबल Shwetanga की शुरुआत की. उनके कलेक्शन में आइवरी और सफेद रंग की अलग-अलग शेड्स नजर आती हैं. स्कल्प्चरल आउटफिट्स, टेक्सचर्ड ड्रेप्स और बेहद सधे हुए क्राफ्टवर्क के साथ.अमन कुछ भी बनाएं उसका आधार सफेद ही होता है.
मां का पसंदीदा रंग सफेद
अमन की डिजाइनिंग सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है. उनके लिए हर कलेक्शन के पीछे एक कहानी है. उनके डिजाइन उस सामाजिक सोच को भी चुनौती देते हैं, जिसमें सफेद रंग को लंबे समय तक विधवापन और शोक से जोड़कर देखा गया. यानी जिस रंग पर सामाजिक बंदिशों की परछाई थी, अमन ने उसी रंग को खूबसूरती, आत्मविश्वास और आधुनिक फैशन का प्रतीक बना दिया. अमन की पहचान सोशल मीडिया पर भी तेजी से बढ़ी. उनका एक वीडियो खास तौर पर वायरल हुआ, जिसमें मॉडल्स किसी बड़े फैशन रैंप पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के एक गांव की संकरी गली में उनके कलेक्शन को प्रदर्शित करती नजर आईं. अमन के डिजाइन अब कई चर्चित चेहरों पर भी नजर आ चुके हैं. निया शर्मा, ईशा मालवीय और डेजी शाह जैसी अभिनेत्रियां उनके आउटफिट्स पहन चुकी हैं. एक बेटे के लिए मां की पसंदीदा चीज शायद सिर्फ एक पसंद होती है लेकिन अमन वर्मा ने अपनी मां के पसंदीदा रंग को ही अपनी पहचान बना लिया. बिहार से शुरू हुआ ये सफर अब फैशन की दुनिया में एक ऐसी कहानी कह रहा है, जिसमें रंग के साथ-साथ यादें, भावनाएं और सामाजिक सोच को चुनौती देने का जज्बा भी शामिल है.