भारतीय खाने की थाली में अचार हो, तो सादा खाना भी स्वादिष्ट लगने लगता है. सर्दियों में आंवले का अचार खाने का मजा ही अलग है. आंवला स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन कई बार घर पर अचार बनाने के कुछ ही दिनों बाद उसमें फफूंद लग जाती है या उसका स्वाद खराब होने लगता है. ऐसे में अगर आप भी घर पर आंवले का अचार बनाना चाहते हैं, तो इसे बनाने का तरीका थोड़ा बदलने की जरूरत है. आमतौर पर आंवले को उबालकर अचार बनाया जाता है, लेकिन इससे उसमें नमी रह सकती है. आइए जानते हैं बिना पानी और कम तेल में आंवले का अचार बनाने का आसान तरीका.
आंवले का अचार बनाने के लिए सामग्री
इस अचार को बनाने के लिए आपको 500 ग्राम आंवला, 10-12 हरी मिर्च, आधा कप सरसों का तेल और जरूरत के अनुसार नमक चाहिए. मसाला तैयार करने के लिए डेढ़ बड़ा चम्मच सौंफ, डेढ़ बड़ा चम्मच साबुत धनिया, एक बड़ा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच मेथी दाना, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, एक बड़ा चम्मच काली मिर्च और एक बड़ा चम्मच पीली राई लें. इसके अलावा एक छोटा चम्मच काला नमक, एक छोटा चम्मच हींग, एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और एक बड़ा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर की जरूरत होगी.
बिना पानी के ऐसे बनाएं आंवले का अचार
सबसे पहले एक मोटी तली वाली कड़ाही गर्म करें. इसमें आधी कटोरी नमक फैलाएं और ऊपर से धुले हुए आंवले डाल दें. धीमी से मध्यम आंच पर करीब 7-8 मिनट तक पकाएं. इसके बाद हरी मिर्च डालकर 6-7 मिनट और पकाएं.
जब आंवले नरम हो जाएं, तो गैस बंद कर दें. इन्हें थोड़ी देर नमक में रहने दें और फिर जाली पर निकाल लें.
आंवले ठंडे होने के बाद हाथों से तोड़कर उनके बीज निकाल दें. अब सौंफ, धनिया, जीरा, मेथी, अजवाइन, काली मिर्च और पीली राई को अलग-अलग धीमी आंच पर हल्का भूनें. ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें.
एक बड़े बर्तन में आंवले और हरी मिर्च डालें. इसमें तैयार मसाला, काला नमक और स्वादानुसार नमक मिलाएं. दूसरी तरफ सरसों का तेल हल्का गर्म करके उसमें हींग, हल्दी और कश्मीरी लाल मिर्च डालें. इस तेल को आंवले के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिला लें. चाहें तो इसमें थोड़ी कलौंजी भी डाल सकते हैं.
अचार को खराब होने से कैसे बचाएं?
तैयार अचार को साफ और पूरी तरह सूखे कांच के जार में भरें. चाहें तो इसे 1-2 दिन धूप में रख सकते हैं. इस तरीके में पानी का इस्तेमाल नहीं होता और आंवले को सीधे पानी में उबालने की जरूरत भी नहीं पड़ती. हालांकि, अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा, इसकी गारंटी सिर्फ पानी न डालने से नहीं मिलती. जार और चम्मच साफ व सूखे रखें और अचार में नमी न जाने दें. लंबे समय तक रखने के लिए उचित संरक्षण और भंडारण का ध्यान रखना जरूरी है.
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