जिंदा शख्स की तेरहवीं! 65 साल के राकेश ने खुद के 1900 लोगों को दिया न्योता

उत्तर प्रदेश के औरैया के एक गांव में 65 साल के एक शख्स ने जिंदा रहते अपनी तेरहवीं का भोज दिया. जिसमें 1900 लोगों को निमंत्रण दिया है. राकेश यादव अजीतमल तहसील के लक्ष्मणपुर के रहने वाला हैं. उनके दो भाइयों की मौत हो गई है. जबकि राकेश अविवाहित हैं.

Auraiya News
gnttv.com
  • औरैया,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

उत्तर प्रदेश के औरैया के एक गांव में 65 साल के एक शख्स ने ऐसा कुछ किया, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. वो शख्स जिंदा है, लेकिन उसने अपनी तेरहवीं करा दी. उस शख्स ने अपनी तेरहवीं में शामिल होने के लिए 1900 लोगों को निमंत्रण दिया.

राकेश यादव के इस कदम की हो रही चर्चा-
औरैया के अजीतमल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सतहड़ी के गांव लक्ष्मणपुर से एक अनोखा और भावुक मामला सामने देखने को मिला. 65 साल के राकेश यादव ने जिंदा रहते अपनी तेरहवीं का भंडारा करा दिया. इसके लिए राकेश ने बाकायदा निमंत्रण कार्ड छपवाया और करीब 1900 लोगों को निमंत्रण दिया.

3 भाइयों में सिर्फ राकेश ही जिंदा-
राकेश यादव 3 भाई थे. लेकिन उनको दोनों भाइयों की मौत हो गई है. उनके छोटे भाई चंद्रपाल यादव की बीमारी के चलते मृत्यु हुई, जबकि दूसरे भाई नरेश यादव की हत्या कर दी गई थी. परिवार की इन दुखद घटनाओं के बाद राकेश यादव अकेले रह गए हैं. वे अविवाहित हैं और उनकी एक बहन भी अविवाहित है.

दान कर दिया है घर-
राकेश यादव ने अपने पैतृक घर को अपने एक रिश्तेदार को दान कर दिया है और वर्तमान में वे एक साधारण झोपड़ी में जीवन यापन कर रहे हैं. धार्मिक प्रवृत्ति के राकेश यादव हाल ही में नवरात्रि के दौरान 9 दिन का व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा अर्चना किया था.

जिंदा रहते तेरहवीं कराने का फैसला क्यों?
राकेश यादव ने अपने जीवनकाल में ही भंडारा कराने का निर्णय लिया है. इस संबंध में राकेश यादव ने बताया कि उनके निधन के बाद उनके परिवार में ऐसा कोई नहीं बचेगा, जो उनकी तेरहवीं या अन्य संस्कार कर सके. इस बात को लेकर उन्होंने अपने जीवित रहते हुए ही लोगों को भोज कराने का निर्णय लिया.

अजीतमल क्षेत्र के इस अनोखे आयोजन को लेकर लोगों में काफी चर्चा का माहौल है. एक ओर जहां लोग इसे राकेश यादव को सामाजिक सोच से जोड़कर देख रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर यह घटना समाज के बदलते पारिवारिक अकेलापन की सच्चाई को भी उजागर करती है. भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिससे गांव में विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है.

अविवाहित हैं राकेश यादव-
राकेश यादव का भरा पूरा परिवार था, तीन भाइयों में राकेश सबसे बड़े थे और दो छोटे भाई थे. राकेश यादव के दोनों छोटे भाइयों की मौत के बाद राकेश अकेले पड़ गए. उम्र भी 65 साल के लगभग हो गई  है और अविवाहित होने के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया. तेरहवीं का भंडारा आज यानी 30 मार्च को है. जिसको लेकर लोगों में चर्चा बनी हुई है.

(सूर्य प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट)

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