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सोशल मीडिया, डिजिटल ट्रेंड और रील में तो एक्सपर्ट है Gen Z लेकिन बेसिक मैथ्स के सवाल के जवाब देने में छूटे पसीने!

बेंगलूरु बेस्ड सीईओ आशीष गुप्ता ने Gen Z से लिए इंटरव्यू का एक्सपीरिएंस शेयर किया! उन्होंने बताया कि जेड जनरेशन रील और सोशल मीडिया में तो एक्सपर्ट है लेकिन बेसिक मैथ्स के सवाल के जवाब देने में इनके पसीने छूट जाते हैं!

Gen Z
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST
  • डिजिटल ट्रेंड में एक्सपर्ट है जेनरेशन Z
  • बेसिक मैथ्स के सवाल के जवाब देने में छूटे पसीने

बेंगलुरु बेस्ड सीईओ आशीष गुप्ता ने Gen Z से लिए इंटरव्यू का अपना अनुभव शेयर किया है. उन्होंने बताया कि Gen Z रील और सोशल मीडिया में तो एक्सपर्ट है लेकिन बेसिक मैथ्स के सवाल के जवाब देने में इनके पसीने छूट जाते हैं! आशीष गुप्ता के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है.

डिजिटल ट्रेंड में एक्सपर्ट है जेनरेशन Z
लिंक्डइन पर वायरल पोस्ट में उन्होंने बताया कि जेनरेशन Z सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड में तो काफी एक्सपर्ट है लेकिन इनके पास बुनियादी समझ और तार्किक सोच की कमी है. आशीष गुप्ता ने कहा "जेनरेशन Z रील जानता है, लेकिन गणित नहीं?". कुछ लोग इस बात पर सहमत हैं कि शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है, जबकि कई लोगों का कहना है मैथ से सवाल हल करना जिंदगी के सवाल हल करने से काफी अलग है. 

आसान सवाल का जवाब भी नहीं दे पा रहे जेन जी
आशीष गुप्ता ने इंटरव्यू के दौरान 5वीं क्लास का एक गणित का सवाल पूछा था. "यदि कोई कार पहले 60 किमी 30 किमी/घंटा की गति से और अगले 60 किमी 60 किमी/घंटा की गति से चलती है, तो इसकी औसत गति क्या है?" उन्होंने बताया केवल 2 लोग ही ऐसे थे जिन्होंने इसका सही जवाब दिया बाकी के सभी सवाल हल करने की कोशिश में ही रह गए. वहीं जब उनसे डिजिटल मार्केटिंग प्लानिंग के बारे में पूछा गया, तो सभी इंस्टाग्राम रील्स, वायरल कंटेंट और ब्रांडिंग पर अपनी अलग-अलग राय देते हुए नजर आए. 

जेनरेशन Z में फाइनेंस लिटरेसी की कमी
गुप्ता ने कहा कि जेनरेशन Z सोशल मीडिया और डिजिटल इंगेजमेंट में तो माहिर है, लेकिन उनमें प्रॉब्लम सॉल्विंग, फाइनेंस लिटरेसी की कमी है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे पास एक ऐसी पीढ़ी हो सकती है जो वास्तविक दुनिया की वित्तीय और विश्लेषणात्मक चुनौतियों के लिए बिल्किल भी तैयार नहीं है. उन्होंने कहा आलोचनात्मक सोच और बुनियादी अंकगणित हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है और किसी को भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

जेनरेशन Z के काम से खुश नहीं कंपनियां
हाल ही में इंटेलिजेंट डॉट कॉम द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आया था कि 60% अमेरिकी कंपनियों ने ऑनबोर्डिंग के तुरंत बाद कम से कम एक जेन जेड कर्मचारी को निकाल दिया, क्योंकि वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. जेनरेशन Z हायर करने के मामले में रिक्यूटर्स की राय अलग-अलग है. केवल 25% अमेरिकी रिक्रूटर्स उन्हें नियुक्त करने के लिए उत्सुक हैं, जबकि 17% अभी भी हिचकिचा रहे हैं.

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