सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब चर्चा में है. वीडियो में बेंगलुरु की योग टीचर शशि प्रभा द्विवेदी 39 हफ्ते की प्रेगनेंसी में कठिन योगासन करती नजर आ रही हैं. खास बात यह है कि उन्होंने साड़ी पहनकर चक्रासन समेत कई एडवांस योग पोज किए. वीडियो को 2 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.
वीडियो के साथ शशि ने लिखा कि यह सब कई सालों की मेहनत और अभ्यास का नतीजा है. उन्होंने कहा कि वह किसी को ऐसा करने की सलाह नहीं दे रही हैं. उनके मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान उन्होंने केवल वही योग किया जो उन्हें आरामदायक लगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि हर महिला की प्रेगनेंसी अलग होती है और किसी भी तरह का व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
लोगों ने उठाए सवाल
वीडियो वायरल होते ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई यूजर्स ने शशि की फिटनेस, आत्मविश्वास और अनुशासन की तारीफ की. लोगों का कहना है कि नियमित योग और एक्टिव लाइफस्टाइल की वजह से वह इतनी फिट नजर आ रही हैं. वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इस वीडियो को लेकर चिंता जताई. उनका मानना है कि प्रेग्नेंसी के आखिरी चरण में इस तरह के कठिन योगासन करना जोखिम भरा हो सकता है. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या इतने एडवांस पोज मां और बच्चे दोनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं. एक यूजर ने लिखा कि इस समय मां और बच्चे की सुरक्षा सबसे जरूरी होती है. कई लोगों ने यह भी पूछा कि क्या इस तरह के योगासन बच्चे के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं.
यह वीडियो अब सिर्फ एक योग वीडियो नहीं रह गया है, बल्कि फिटनेस और सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है. जहां एक वर्ग इसे महिलाओं की ताकत और फिटनेस का उदाहरण मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे अनावश्यक जोखिम बता रहा है.
क्या कहती हैं एक्सपर्ट्स?
फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेगनेंसी में योग और एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह महिला की स्वास्थ्य स्थिति, फिटनेस लेवल और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है. इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाली किसी भी फिटनेस रूटीन को बिना विशेषज्ञ की सलाह के अपनाना सही नहीं माना जाता. फिलहाल शशि प्रभा का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
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