मध्य प्रदेश में मॉनसून सुस्त पड़ गया है. इससे लोग काफी परेशान हैं. बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. जुलाई का आधा महीना गुजरने के बावजूद मध्य प्रदेश के कई जिलों में उम्मीद के अनुसार बारिश नहीं हुई है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कमजोर पड़े मॉनसून और बारिश की लंबी बेरुखी के बीच लोगों ने अच्छी बारिश की कामना के लिए एक अनोखा टोटका किया. शहर में गधों को फूलों की माला पहनाकर गुलाब जामुन खिलाए गए. इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे और कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. देखते ही देखते तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए.
वर्षों पुरानी है यह लोक परंपरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया टोटका नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी लोक परंपरा है. मान्यता है कि गधा शीतला माता का वाहन है. शीतला माता शीतलता प्रदान करने वाली देवी हैं. ऐसे में जब उनका वाहन गधा गुलाब जामुन खाता है तो माता प्रसन्न होती हैं और इंद्रदेव अच्छी वर्षा करते हैं. मान्यता है कि जब मॉनसून कमजोर पड़ जाए या समय पर बारिश न हो तो ऐसे उपाय करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है. इसी विश्वास के साथ लोगों ने गधों को गुलाब जामुन खिलाकर अच्छी बारिश की प्रार्थना की. आयोजन के दौरान लोगों ने किसानों की समृद्धि और प्रदेश में अच्छी बारिश की भी कामना की. उनका कहना था कि लगातार कम बारिश के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है. खेतों में बोवाई प्रभावित हो रही है, जबकि जल स्रोतों का स्तर भी चिंता का कारण बना हुआ है. ऐसे में लोगों ने अपनी आस्था और लोक परंपरा के अनुसार यह अनोखा आयोजन किया.
मॉनसून की सक्रियता इन परिस्थितियों पर निर्भर
हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का संबंध पूरी तरह मौसम प्रणालियों और वैज्ञानिक कारणों से होता है. मॉनसून की सक्रियता विभिन्न मौसमीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है. इसके बावजूद ग्रामीण और शहरी इलाकों में आज भी कई लोग पारंपरिक मान्यताओं और लोकविश्वासों के आधार पर ऐसे टोटके करते हैं. फिलहाल भोपाल में गधों को गुलाब जामुन खिलाने का यह अनोखा नजारा चर्चा का विषय बना हुआ है. सोशल मीडिया पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. कोई इसे आस्था और परंपरा का हिस्सा बता रहा है, तो कोई इसे बारिश की उम्मीद में किया गया एक दिलचस्प और अनोखा आयोजन मान रहा है.
परंपराओं का आधार है लोकविश्वास
आपको मालूम हो कि यह पहली बार नहीं है जब बारिश बुलाने के लिए ऐसे आयोजन हुए हों. देश के अलग-अलग हिस्सों में कभी मेंढकों की शादी कराई जाती है, कहीं गधे या दूसरे जानवरों को विशेष भोजन कराया जाता है, तो कहीं विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं. इन परंपराओं का आधार लोकविश्वास है, जो लंबे समय से चला आ रहा है. अब लोगों की नजर आसमान पर है. देखना यह है कि गधों की इस 'मिठाई पार्टी' के बाद भोपाल में मॉनसून मेहरबान होता है या नहीं.