महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में एक दिव्यांग लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में लड़की टूटे हुए मटकों के टुकड़े जमा करती दिखाई दे रही थी. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई में इस गरीब दिव्यांग लड़की के मटके तोड़ दिए गए, जिनसे वह अपना गुजारा करती थी.
दिव्यांग लड़की का वीडियो वायरल-
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना के नेता बच्चू काडू ने भी इस दिव्यांग लड़की से छत्रपति संभाजी नगर पहुंचकर मुलाकात की और इसे इंसाफ दिलाने के लिए बात की थी और उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. मामला बढ़ता देख छत्रपति संभाजी नगर निगम को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी.
एक्शन में नगर निगम-
नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते के उपायुक्त संतोष वहुले उसी जगह पहुंचे, जहां कार्रवाई हुई थी. वहां उन्होंने स्थानीय लोगों, दिव्यांग लड़की और उसकी बहन के साथ एक वीडियो रिकॉर्ड किया. निगम की ओर से जारी इस वीडियो में वही दिव्यांग लड़की भी दिखाई देती है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
वायरल वीडियो की सच्चाई?
नगर निगम और स्थानीय लोगों के मुताबिक, वायरल दावे में दिखाई गई कहानी पूरी तरह सही नहीं थी. स्थानीय लोगों ने बताया कि लड़की इलाके में अक्सर भीख मांगती है और उसका मटके बेचने से कोई संबंध नहीं है. जिस दिन अतिक्रमण हटाया गया, उस समय वह वहीं मौजूद थी और बाद में टूटे हुए मटकों के टुकड़े उठा रही थी. इसी दौरान किसी ने उसका वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अलग दावे के साथ वायरल कर दिया.
नगर निगम के वीडियो में उपायुक्त संतोष वहुले लोगों से बातचीत करते हुए पूरे मामले को स्पष्ट करते नजर आते हैं. वीडियो में स्थानीय लोग भी यही कहते दिखाई देते हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई जानकारी भ्रामक थी.
(अभिजीत करंडे की रिपोर्ट)
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