चीन में इन दिनों एक अजीब ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. जिस मुर्गी को अब तक सिर्फ खाने की चीज समझा जाता था, वही अब लोगों के घरों में पालतू बनकर रह रही है और सिर्फ रह ही नहीं रही, बल्कि लोगों के दिलों में खास जगह भी बना रही है. सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह ट्रेंड अब बड़े शहरों में एक नई लाइफस्टाइल का हिस्सा बनता जा रहा है.
दरअसल, चीन के ग्वांगडोंग जैसे इलाकों में एक कहावत है 'यहां से कोई मुर्गी जिंदा नहीं निकलती.' ऐसे में मुर्गियों को पालतू बनाना अपने आप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अगुआई नाम की एक महिला की कहानी इस ट्रेंड को और चर्चा में ले आई. उन्हें रिश्तेदारों से मिले तीन अंडों से निकले चूजों को उन्होंने खाने के बजाय पालने का फैसला किया.
चीन में मुर्गियों को पालतू बनाने का ट्रेंड
अगुआई की ये पालतू मुर्गियां कोई साधारण मुर्गियां नहीं हैं, बल्कि ये ताइहे ब्लैक-बोन सिल्की फाउल नस्ल की हैं, जिन्हें आमतौर पर उनके पोषण और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. अपने मुलायम सफेद पंखों और आकर्षक रूप के कारण इन्हें फीनिक्स फेयरी भी कहा जाता है. अगुआई के मुताबिक, इनका खर्च भी बेहद कम है महीने में 30 युआन (करीब 450 रुपये) से भी कम.
भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए पा रहे मुर्गियां
जिआंगसू के एक शख्स ने अपने मुर्गे स्लांटेड बैंग्स के बारे में बताया कि वह इंसानों के साथ आंखों के जरिए संवाद करता है और अपनी भावनाएं जाहिर करता है. वहीं एलिन नाम की एक महिला, जो पहले तोते, बिल्ली और कुत्ते पाल चुकी हैं कहती हैं कि मुर्गियां सबसे ज्यादा भावनात्मक रूप से जुड़ने वाली होती हैं.
अब पालतू बन रहीं मुर्गियां
दिलचस्प बात यह है कि इन मुर्गियों में से कई पहले फार्म के लिए पाली जाती थीं. कुछ मांस के लिए और कुछ ऐसे मुर्गे जो अंडे नहीं देते उन्हें सस्ते में बेच दिया जाता है. कई बार सुपरमार्केट में अंडे या दही खरीदने पर चूजे मुफ्त में दिए जाते हैं. वहीं पार्कों में किसान इन्हें 1 से 3 युआन में बेच देते हैं, जिससे बच्चे और परिवार इन्हें आसानी से खरीद लेते हैं.
ये भी पढ़ें: