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कड़ी पत्ते का पौधा नहीं बढ़ रहा? इन आसान तरीकों से घर पर ही करें घना और हरा-भरा

कड़ी पत्ते का पौधा सूख रहा है या उसकी ग्रोथ रुक गई है? चलिए आपको बताते हैं कड़ी पत्ते को सही धूप, पानी, मिट्टी, ट्रिमिंग और खाद देने का आसान तरीका, जिससे पौधा हरा-भरा और घना रहेगा.

Gardening Tips for curry patta
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

कड़ी पत्ता भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है. दाल, सब्जी, पोहा और कई तरह के व्यंजनों में इसका इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. इतना ही नहीं, कड़ी पत्ते को सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. यही वजह है कि बहुत से लोग इसे घर के गमले में उगाना पसंद करते हैं. हालांकि, कई बार पौधा ठीक से नहीं बढ़ता या इसकी पत्तियां सूखने लगती हैं. ऐसे में पौधे की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है. गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कड़ी पत्ते के पौधे की देखभाल से जुड़े कुछ आसान टिप्स बताए हैं.

पौधे को कितनी धूप जरूरी है
कड़ी पत्ते के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त धूप की जरूरत होती है. एक्सपर्ट के मुताबिक, इसके लिए करीब 15 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान बेहतर माना जाता है. बहुत ज्यादा ठंड में पौधे की बढ़त धीमी हो सकती है, जबकि 35 डिग्री से ज्यादा तापमान में तेज धूप पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह या शाम करीब 2 से 3 घंटे धूप मिले. दोपहर की तेज धूप से पौधे को बचाना बेहतर है.

गमले में पानी जमा न होने दें
कड़ी पत्ते के पौधे को मिट्टी में नमी चाहिए, लेकिन ज्यादा पानी इसके लिए नुकसानदायक हो सकता है. गमले में पानी जमा रहने से जड़ें खराब होने का खतरा रहता है. मिट्टी में कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट मिलाने से नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है. गमले के नीचे पानी की निकासी के लिए छेद जरूर रखें. बारिश के मौसम में खासतौर पर ध्यान दें कि गमले में पानी जमा न हो.

पौधे को घना बनाने के लिए करें ट्रिमिंग
अगर आप चाहते हैं कि कड़ी पत्ते का पौधा ज्यादा घना हो, तो समय-समय पर इसकी ऊपर वाली टिप की ट्रिमिंग करें. ऊपर की टिप काटने से नई टहनियां निकलती हैं. इससे पौधा सिर्फ ऊपर की तरफ बढ़ने के बजाय चारों ओर फैलने लगता है और धीरे-धीरे घना दिखाई देने लगता है.

खाद डालने का सही समय
कड़ी पत्ते के पौधे में फरवरी के बाद से नवंबर तक करीब दो महीने के अंतर पर खाद दी जा सकती है. मिट्टी में एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. वहीं, नवंबर से फरवरी के बीच पौधे में खाद न डालने की सलाह दी जाती है.

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