गुजरात के दाहोद से एक रेयर खबर सामने आई है. यहां रेस्क्यू टीम ने एक ऐसा सांप बचाया है जिसके दो सिर आर चार आंखें हैं. दो सिर वाला सांप मिलने की यह घटना पूरे गुजरात में पहली और देश में 5वीं है. इससे पहले पूरे देश में केवल दो कोबरा और दो वुल्फ स्नेक में ही ऐसी विकृति देखी गई थी. एक ही शरीर और दो सिर वाले इस सांप को देखकर लोग हैरान रह गए. स्थानीय लोगों की सूचना पर दाहोद प्रकृति मित्र मंडल की टीम मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. बचाए गए इस सांप को वुल्फ स्नेक बताया गया है.
जीवनकाल होता है कम
जेनेटिक म्यूटेशन (आनुवंशिक बदलाव) के कारण लाखों में किसी एक जीव में दो सिर विकसित होते हैं, जिसे विज्ञान की भाषा में 'बायसेफली' (Bicephaly) कहा जाता है. इस सांप के दोनों सिर अपने अलग-अलग दिमाग और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) रखते हैं. भोजन और दिशा के लिए दोनों सिरों के बीच प्रतिस्पर्धा होने के कारण प्राकृतिक माहौल में इनका जीवनकाल आमतौर पर कम होता है.
नहीं होते हानिकारक
वुल्फ स्नेक इंसानों के लिए बिल्कुल हानिकारक नहीं होता है. यह घरों के आसपास छिपकलियों और छोटे जीवों को खाकर हमारे पारिस्थितिकी तंत्र (Eco-system) को संतुलित रखने में मदद करता है. प्रकृति के इस बेहद दुर्लभ रूप को देखने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी उत्सुकता दिख रही है. रेस्क्यू किए गए सांप की उम्र करीब एक वर्ष बताई जा रही है.
बचाए गए इस दुर्लभ सांप की सही देखभाल और सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, दो सिर वाले जीवों को प्रकृति में जीवित रहने में भारी संघर्ष करना पड़ता है. दोनों सिरों के अपने अलग दिमाग और तंत्रिका तंत्र हो सकते हैं, जिससे दोनों सिर खाने, चलने या किसी खतरे को देखकर अलग-अलग दिशा में प्रतिक्रिया देते हैं. इससे उनके लिए शिकार करना और जिंदा रहना मुश्किल हो जाता है.