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इस थानेदार की विदाई पर रोया था पूरा इलाका, जानिए कौन हैं इंस्पेक्टर राम मनोहर मिश्रा

144 सालों का इतिहास समेटे सब्जी मंडी थाने ने कई पुलिसवालों को आते-जाते देखा है, लेकिन राम मनोहर मिश्रा ने इस थाने को एक नई पहचान दी है.

Delhi Police Officer Ram Manohar Mishra Emotional Transfer from Sabzi Mandi Station
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 जून 2025,
  • अपडेटेड 12:14 PM IST

दिल्ली का सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन साल 1861 में स्थापित हुआ था. यह दिल्ली का पहला पुलिस स्टेशन है. इस थाने की नींव अंग्रेजों ने रखी थी और पहली शिकायत बर्तन चोरी की दर्ज की गई थी. 144 सालों का इतिहास समेटे इस थाने ने कई पुलिसवालों को आते-जाते देखा है, लेकिन राम मनोहर मिश्रा ने इस थाने को एक नई पहचान दी है. 

राम मनोहर मिश्रा का नाम सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'मैंने अपने 60 साल के जीवन में ऐसा पुलिस ऑफिसर नहीं देखा जिसने थाना एक मंदिर बना के रख दिया.' राम मनोहर मिश्रा के छोटे से कार्यकाल ने सब्जी मंडी इलाके के लोगों की ज़िन्दगी बदल कर रख दी. उन्होंने न सिर्फ लोगों के दिलों में जगह बनाई बल्कि न जाने कितने ही लोगों को जीने की वजह दी. 

हाल ही में, उनके ट्रांसफर पर पूरा इलाका गमगीन हो गया. यह विदाई किसी बारात या जन्मदिन का जश्न नहीं था, बल्कि यह दो साल की मेहनत और लगाव का नतीजा था.

पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम किया
राम मनोहर मिश्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा, "मेरा पहला फोकस था पब्लिक की एक्सेसिबिलिटी को 100% बढ़ाना." उन्होंने थाने में आने वाले हर व्यक्ति से सीधे मिलने की व्यवस्था की, जिससे जनता का भरोसा बढ़ा.

महिला सुरक्षा पर दिया जोर

महिला सुरक्षा और बच्चों की बेहतरी के लिए विशेष प्रयास
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए, मिश्रा ने सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग शुरू की. उन्होंने कहा, "हमने सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग कराई ताकि महिलाएं आत्मरक्षा कर सकें." बच्चों के लिए भी उन्होंने कई कार्यक्रम आयोजित किए, जैसे हेल्थ चेकअप कैंप और बच्चों की चौपाल.

उन्होंने बच्चों से जुड़ने के लिए टॉफी बांटी और फुट पेट्रोलिंग के दौरान लोगों से सीधे संवाद किया. उन्होंने कहा कि वह पॉकेट में टॉफ़ी लेकर जाते था तो जहां बच्चे पुलिस को देख कर भागते हैं तो वहीं बच्चे खुद उनके पास आने लगे. उनके इस प्रयास से बच्चों और पुलिस के बीच की दूरी कम हुई.

अपराधियों को सुधारने पर जोर
राम मनोहर मिश्रा ने छोटे अपराधियों को सुधारने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, "क्रिमिनल्स के साथ मैंने खुद बातचीत कीं. उनकी क्राइम हिस्ट्री पढ़ी. उन्हें जिंदगी को सुधारने के लिए प्रेरित किया." उनके इस व्यक्तिगत टच ने अपराधियों को सुधारने में मदद की. राम मनोहर मिश्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान जनता के दिलों में खास जगह बनाई. मिश्रा ने अपने काम के जरिए दिल्ली पुलिस के नारे 'शांति सेवा न्याय' को जमीन पर उतारा. 

राम मनोहर मिश्रा के कार्यकाल के दौरान सब्जी मंडी इलाके में अपराध दर में कमी आई. उन्होंने कहा, "मेरे दो साल के टेन्योर में एक भी गैंगवॉर नहीं हुई है." उनके इस प्रयास से इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बना. राम मनोहर मिश्रा का सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन से ट्रांसफर हो गया है, लेकिन उनके काम और लगाव की कहानियां हमेशा याद रहेंगी. 


 

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