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डिजिटल प्रूफ… गूगल सर्च… क्लाउड डेटा से सुलझी Sharon Raj Murder की गुत्थी, फिर कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

पुलिस जांच में ग्रीष्मा की गूगल सर्च हिस्ट्री और व्हाट्सएप चैट्स अहम सबूत बने. उसने 28 अक्टूबर को गूगल पर यह भी सर्च किया कि डिलीट किए गए मैसेज कैसे रिकवर या हमेशा के लिए हटाए जा सकते हैं. हालांकि उसने कई व्हाट्सएप मैसेज डिलीट कर दिए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें रिकवर कर लिया.

Court order
अपूर्वा सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST
  • सबसे पहले किया जूस में जहर डालने का प्रयास 
  • कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

अक्टूबर 28, 2022 की सुबह… 22 साल की ग्रीष्मा ने अपने रेडमी फोन पर गूगल सर्च किया, "गूगल ड्राइव में बैकअप डेटा कैसे ओपन करें", "व्हाट्सऐप मैसेज का बैकअप कैसे देखें", और "डिलीट किए गए मैसेज को कैसे रिकवर करें". ये सर्च एक साधारण जिज्ञासा नहीं थी, बल्कि एक गहरे राज को छिपाने की कोशिश थी.

तीन दिन पहले, 25 अक्टूबर को, उसके बॉयफ्रेंड शेरोन ने अस्पताल के आईसीयू में आखिरी सांस ली थी. मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के चलते शेरोन की मौत हो गई. लेकिन मौत के पीछे की कहानी कहीं ज्यादा गहरी और भयावह थी.

केरल की एक अदालत ने 24 साल की महिला को मौत की सजा सुनाई है. अपने प्रेमी की हत्या के जुर्म में ये सजा सुनाई गई है. शेरोन राज र्मडर मामला आखिरकार सुलझ ही गया. ग्रीष्मा के मामा निर्मल कुमार को भी सबूत नष्ट करने और साजिश रचने का दोषी पाया गया है. ग्रीष्मा ने शेरोन की हत्या 2022 में की थी. ग्रीष्मा उस वक्त 22 साल की थी. उसकी शादी नागरकोइल के एक सैन्यकर्मी से तय हो गई थी. लेकिन प्रेमी राज ने अपने रिश्ते को खत्म करने से मना कर दिया था. जिसके चलते ग्रीष्मा ने उसकी हत्या की साजिश रची.

गूगल सर्च था गुनाह का डिजिटल सुराग
ग्रीष्मा को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके गूगल सर्च एक दिन उसके गुनाह की गवाही देंगे. जब 30 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार किया गया, तो पुलिस ने उसका वही कुख्यात नारंगी रंग का रेडमी फोन जब्त कर लिया.

पुलिस की जांच में पता चला कि 22 अगस्त और 14 अक्टूबर के बीच ग्रीष्मा ने कई बार गूगल पर जहर, दवाइयों के ओवरडोज और खतरनाक केमिकल्स के बारे में सर्च किया. खासकर "पैरासिटामोल और फ्लेवोक्सेट इंटरैक्शन", "पैरासिटामोल ओवरडोज से मौत", और "Paraquat जहर" से जुड़े सवाल.

22 अगस्त को, ग्रीष्मा ने 23 बार गूगल पर पैरासिटामोल ओवरडोज के बारे में सर्च किया. उसी दिन, सीसीटीवी फुटेज और शेरोन के फोन से एक वीडियो में उसे शेरोन को स्लाइस जूस का पैक देते हुए देखा गया. लेकिन शेरोन को जूस बहुत कड़वा लगा और उसने इसे थूक दिया.

सबसे पहले किया जूस में जहर डालने का प्रयास 
14 अक्टूबर 2022 को, ग्रीष्मा ने गूगल पर "Paraquat हर्बिसाइड" के बारे में पढ़ा. यह एक खतरनाक केमिकल है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खत्म कर देता है. उस दिन, उसने शेरोन को घर बुलाया और उसे आयुर्वेदिक काढ़े में इस केमिकल को मिलाकर पिलाया.

शेरोन ने तुरंत उल्टियां शुरू कर दीं. वह अस्पताल भी गया, लेकिन डॉक्टर जहर की पहचान नहीं कर सके. शेरोन ने अगले 11 दिन मौत से लड़ाई लड़ी, लेकिन 25 अक्टूबर को वह हार गया.

डिजिटल सबूत और कोर्ट की टिप्पणी
पुलिस जांच में ग्रीष्मा की गूगल सर्च हिस्ट्री और व्हाट्सएप चैट्स अहम सबूत बने. उसने 28 अक्टूबर को गूगल पर यह भी सर्च किया कि डिलीट किए गए मैसेज कैसे रिकवर या हमेशा के लिए हटाए जा सकते हैं. हालांकि उसने कई व्हाट्सएप मैसेज डिलीट कर दिए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें रिकवर कर लिया.

इन चैट्स से पता चला कि 14 अक्टूबर को ग्रीष्मा ने शेरोन को घर बुलाने के लिए बार-बार कॉल और मैसेज किए.उसने शेरोन को शारीरिक संबंध का लालच देकर घर बुलाया.

"इंच दर इंच मार डाला"
नेय्याट्टिनकारा एडिशनल सेशन कोर्ट के जज एएम बशीर ने अपने 588 पन्नों के फैसले में लिखा, "ग्रीष्मा ने शेरोन को इंच दर इंच मार डाला."
जज ने कहा कि ग्रीष्मा की गूगल सर्च और डिजिटल गतिविधियां उसकी साजिश और इरादे को साफ उजागर करती हैं. जज ने कहा, "जैसे एक आदिम व्यक्ति द्वारा पत्थर उठाना उसके इरादे को दर्शाता है, वैसे ही आज के युग में डिजिटल फुटप्रिंट अपराधी की मानसिकता को उजागर करते हैं." 

'क्लाउड में भगवान' ने बचाया सच
जज ने फैसले में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा, "क्लाउड में भगवान ने गुनाह का सच बचा लिया." फैसले में यह भी लिखा गया कि ग्रीष्मा ने शेरोन की हत्या सिर्फ शारीरिक रूप से नहीं की, बल्कि उसने पवित्र और सच्चे प्यार के कॉन्सेप्ट को भी खत्म कर दिया.

कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा
ग्रीष्मा को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई. जज ने कहा कि यह अपराध सिर्फ शेरोन की हत्या नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर झटका है. हालांकि, ग्रीष्मा ने कोर्ट में अपनी कम उम्र, शिक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की. लेकिन जज ने इसे ठुकराते हुए कहा, "ऐसे व्यक्ति को सुधारा नहीं जा सकता. इस अपराध की गंभीरता काफी ज्यादा है."

बता दें, ग्रीष्मा केरल की सबसे कम उम्र की महिला कैदी हैं जिसे कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है. 

 

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