तेज आंधी, बारिश और तूफान के समय अक्सर वाहनों को नुकसान पहुंचने का खतरा होता है. कई बार तेज हवा के कारण पेड़ की टहनियां, टिन की चादरें, पत्थर या दूसरी भारी चीजें उड़कर कार पर गिर जाती हैं. ऐसे में कार की विंडशील्ड यानी सामने का शीशा टूट या चटक सकता है. ऐसे में कार मालिक के मन में यही सवाल आता है कि क्या इसका खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाएगी या फिर अपनी जेब से भुगतान करना होगा.
पॉलिसी तय करती है सबकुछ
कार को हुए नुकसान पर क्लेम मिलेगा या नहीं, यह आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी पर निर्भर करता है. अगर आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस है, तो आमतौर पर नेचुरल डिजाज्टर जैसे आंधी-तूफान या पेड़ गिरने से हुए नुकसान का कवर मिलता है. ऐसे में आप विंडशील्ड टूटने पर क्लेम के लिए अपलाई कर सकते हैं.
वहीं, अगर आपके पास केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है, तो अपनी कार को हुए नुकसान के लिए क्लेम नहीं मिलेगा. यह पॉलिसी सिर्फ दूसरे व्यक्ति या वाहन को हुए नुकसान को कवर करती है.
नुकसान होने पर फौरन उठाएं ये कदम
अगर आपकी कार का शीशा टूट गया है, तो सबसे पहले उसकी तस्वीरें लें. इसके बाद बिना देरी किए बीमा कंपनी को हादसे की जानकारी दें. कई इंश्योरेंस कंपनियां अब ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के जरिए भी क्लेम दर्ज करने की सुविधा देती हैं, जिससे प्रोसेस काफी आसान हो जाता है. साथ ही बीमा कंपनी जिन दस्तावेज को मांग रही है, वह भी ऑनलाइन जमा हो जाते हैं. इसके बाद कंपनी मामले की जांच कर क्लेम पर फैसला लेती है.
जल्दबाजी में न कराएं रिपेयर
कई लोग नुकसान होने के तुरंत बाद कार को रिपेयर करा लेते हैं और बाद में क्लेम करने की कोशिश करते हैं. ऐसा करना गलत होता है. बीमा कंपनी को पहले हादसे के बारे में बताना जरूरी है. क्योंकि कई मामलों में सर्वेयर वाहन का सर्वे करता है. यदि बिना अनुमति के मरम्मत करा दी जाए तो क्लेम खारिज भी हो सकता है.