कुत्तों को सबसे वफादार जानवर माना जाता है. कई बार देखा गया है कि कुत्ते अपने मालिक के लिए जान भी दे देते हैं. इंसानों और कुत्तों की दोस्ती के किस्से भरे पड़े हैं. कहा जाता है कि कुत्ते आने वाली मुसीबतों को पहले ही भांप लेते हैं. माना जाता है कि अगर किसी कुत्ते की मौत होने वाली है तो उनको पहले ही ये पता चल जाता है और वे कुछ संकेत भी देने लगते हैं. अगर आपने ने भी डॉग पाला है और वे ऐसे संकेत दे रहा है तो समझ जाइए कि उसका अंत नजदीक आ गया है.
ज्यादा आराम करना-
कहा जाता है कि अगर कुत्ते की मौत नजदीक आने लगती है तो वो ज्यादा आराम करने लगता है. वो ज्यादा सोने लगता है. जब आपका पालतू कुत्ता सामान्य से ज्यादा सोने लगे तो समझ जाइए कि कुछ तो गड़बड़ है. शायद उसका अंत नजदीक आ गया है. उसके चेहरे पर उदासी झलकने लगती है. इसके साथ ही वो शांत जगह पर रहना पसंद करने लगता है. कुत्ता अंत समय में दौड़ना-खेलना कम कर देता है.
खाना-पीना भी कम कर देता है-
माना जाता है कि जब कुत्ते का अंत नजदीक आने लगता है तो वे खाना-पीना भी कम कर देता है. आखिरी समय में कुत्तों को भूख-प्यास कम लगने लगती है. अगर उसको पसंदीदा खाना भी देते हैं तो वे ज्यादा नहीं खाते हैं. ये व्यवहार में ये बदलाव धीरे-धीरे दिखाई देता है.
उदास या बेचैन रहना-
जब कुत्तों का अंत आने लगता है तो वे उदास रहने लगेत हैं. उनकी बेचैनी बढ़ जाती है. उनका व्यवहार अचानक बदल जाता है. वो लोगों से दूर भागने लगते हैं. वो बार-बार अपनी जगह बदलने लगते हैं. हालांकि अंत समय में डॉग अपने मालिक के करीब आने लगते हैं. उनसे चिपकने लगते हैं. लेकिन उनके व्यवहार में अशांति दिखाई देने लगती है.
शरीर में बदलाव-
जब कुत्तों का अंत आता है तो उनके शरीर में भी बदलाव होने लगता है. कुत्तों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. वे जोर-जोर से हांफने लगते हैं. उनकी सांसें तेजी से चलने लगती है. कुत्तों का शरीर ठंडा पड़ने लगता है. उनको चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगती है. उनके अंग कमजोर हो जाते हैं.
अकेले रहने लगते हैं-
कहा जाता है कि अगर कुत्तों का अंत आता है तो वे अकेले रहने लगते हैं. लोगों से दूर भागने लगते हैं. हालांकि अपने मालिक के करीब रहना पसंद करते हैं. उसने चिपकने लगते हैं. बिना वजह रोने लगते हैं.
ये भी पढ़ें: