बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही जूतों से बदबू आने की परेशानी भी बढ़ जाती है. बारिश का पानी, नमी और पैरों का पसीना जूतों के अंदर जमा हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं. इससे न सिर्फ जूतों से बदबू आने लगती है, बल्कि फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप मानसून में अपने जूतों को ताजा, सूखा और बदबू-रहित रखना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपाय आपकी मदद करेंगे.
अगर आपके जूते बारिश में भीग जाएं, तो उन्हें कभी भी गीला न छोड़ें. हो सके तो जूतों के इनसोल निकाल दें और उन्हें हवादार जगह पर सूखने के लिए रखें. जूतों के अंदर अखबार भरने से नमी जल्दी निकल जाती है और जूते तेजी से सूखते हैं. जूतों को तेज धूप या हीटर के सामने न रखें, क्योंकि इससे उनका मटेरियल खराब हो सकता है.
साथ ही हर दिन एक ही जोड़ी जूते पहनने से उनमें जमा नमी पूरी तरह सूख नहीं पाती. कोशिश करें कि कम से कम दो जोड़ी जूतों का इस्तेमाल करें और उन्हें बारी-बारी से पहनें. इससे हर जोड़ी को सूखने का पूरा समय मिलेगा और बदबू की समस्या कम होगी.
साथ ही जूते पहनकर आते ही उन्हें तुरंत बंद अलमारी या शू रैक में न रखें. पहले कुछ घंटों तक खुली और हवादार जगह पर रखें, ताकि अंदर की नमी पूरी तरह निकल जाए. इससे जूतों में सीलन और बदबू बनने की संभावना काफी कम हो जाती है.
अगर जूतों से बदबू आने लगी है, तो बेकिंग सोडा एक आसान और असरदार उपाय है. रात में सोने से पहले जूतों के अंदर थोड़ा-सा बेकिंग सोडा छिड़क दें और सुबह पहनने से पहले उसे झाड़ दें. यह नमी को सोखने के साथ-साथ बदबू को भी काफी हद तक खत्म करने में मदद करता है.
जूते तभी तक ताजा रहेंगे जब आपके पैर भी साफ और सूखे रहेंगे. रोजाना पैरों को अच्छी तरह धोएं और खासकर उंगलियों के बीच की जगह को पूरी तरह सुखाएं. हर दिन साफ मोजे पहनें. पैरों की अच्छी सफाई जूतों में बदबू रोकने का सबसे आसान तरीका है.
आम कॉटन के मोजे लंबे समय तक नमी बनाए रखते हैं. इसके बजाय ऐसे मोजे पहनें जो जल्दी सूख जाएं और पसीना सोखने में मदद करें. मॉइस्चर-विकिंग या बांस के फाइबर से बने मोजे पैरों को ज्यादा देर तक सूखा रखते हैं और बैक्टीरिया बढ़ने से रोकते हैं.
अगर आपके जूते अक्सर बारिश में भीगते हैं या पैरों में ज्यादा पसीना आता है, तो शू डिओडोराइजर या एंटी-फंगल स्प्रे का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है. ये बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया और फंगस को कम करने में मदद करते हैं.