पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है. आज हम आपको एक ऐसे पर्यावरण प्रेमी पुलिस कर्मी की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने 8 सालों में एक हजार से अधिक पौधे लगाए हैं. वह निस्वार्थ भाव से पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं. बंटी मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले की पुलिस में नौकरी करते हैं. वह पुलिस विभाग में सिपाही हैं. बंटी को कई वर्ष पहले लगा की हरियाली और पेड़-पौधों का कितना महत्व है. बस यही सोचकर आज उनका आधे से ज्यादा दिन पौधों की रक्षा ओर देख रेख में लगा रहता है.
पौधे लगाने के लिए कर रहे प्रोत्साहित
बंटी ने कुछ वर्ष पहले कुछ पौधे लगाए और उन्हें सींचने लगे लेकिन उनका करवा तब बढ़ा जब सोशल मीडिया का सहारा लेकर बंटी ने एक ग्रुप बनाया, ग्रुप का नाम दिया ग्रीन आर्मी ओर वे जिले के अधिकारी, प्रबुद्ध जन, व्यापारी और आम लोगों को जोड़ने लगे. बंटी ने लोगों को जोड़ा ओर उनके जन्मदिन, शादी की सालगिरह ओर अन्य विशेष दिन पर पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया. आज हर कोई आगे आकर पौधे लगा रहा है. बंटी का जूनून देखने को मिलता है, जब जनसहयोग से पानी का टैंकर आता है. ऐसे में वे पाइप पकड़कर टैंकर के पीछे दौड़ लगाते हैं और पौधों को पानी देते हैं. बंटी ने आगर मालवा से वैष्णवदेवी सायकल यात्रा भी की, जिसमें उन्होंने सायकल के आगे पेड़ लगाने की अपील को महत्व देकर जगह-जगह लोगों को प्रोत्साहित भी किया.
पौधों को धीरे-धीरे पिलाते हैं पानी
बंटी के लिए यह सब कैसे संभव हुआ, इसके पीछे कितनी तपस्या है. ये जानना जरूरी है. बंटी अल सुबह उठकर अपने घर से निकलते हैं ओर फिर अपने लगाए सैकड़ों पौधों को धीरे-धीरे पानी पिलाते हैं. पहले बंटी को पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था लेकिन फिर उन्होंने आम लोगों ओर समाज सेवियों की मदद से कई क्षेत्रों में पानी की टंकियों को रखवा लिया हैं. यहां से टैंकरों से पानी भरकर फिर छोटी केनो के माध्यम से पौधों को सींचते हैं.
खुद करते हैं पौधों की कटाई-छटाई
पानी की उपयोगिता को समझते हुए कुछ विभाग ओर जन सहयोग से उन्होंने ड्रिप भी लगवाने का प्रयास किया है. बंटी प्रतिदिन रोटेशन पद्धति से पौधों की कटाई-छटाई भी करते हैं. पौधों के आसपास की मिट्टी को खोदकर क्यारी बनाने से लेकर उनमें काली मिट्टी भी बंटी खुद ही डालते हैं. जो पौधे थोड़े बड़े हो जाते हैं और जालियों से बाहर आ जाते हैं, उनके बचाव के लिए पौधों के आसपास काटों से सुरक्षा भी दे रहे हैं.
कांटों को रस्सी से बांधकर पेड़ों की रक्षा करते हैं. बंटी ने अभी तक हजारों पौधे या तो खुद लगा दिए हैं या लोगों से लगवा दिए हैं. इन पौधों को लगाने के बाद इनका पूरा रख-रखाव बंटी खुद करते हैं. पुलिस लाइन हो या थाना, महाविद्यालय हो या खेल मैदान, हर जगह बंटी द्वारा पौधरोपण किया गया है. इन पौधों का बंटी ख्याल भी रखते हैं. आज बंटी के द्वारा लगाए गए पौधों में से सैकड़ों ने पेड़ का रूप ले लिया है. अब ये विशाल छायादार पेड़ बन गए हैं. पुलिस की नौकरी करने के साथ-साथ बाकी का सारा समय बंटी इन पेड़-पौधों को ही देते हैं.
(प्रमोद कारपेंटर की रिपोर्ट)