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पारंपरिक खेती छोड़ बेर की फसल से मोटा मुनाफ़ा कमा रहे सोनीपत के किसान

खेती-बाड़ी को लेकर हरियाणा के किसानों की सोच अब बदल रही है. परंपरागत खेती को छोड़कर हरियाणा के किसान अब मुनाफा देने वाली फसलों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, सोनीपत के गांव मछोला के रहने वाले एक युवा किसान सुनील कुमार ने भी परंपरागत खेती को त्याग कर फलों की खेती करने की सोच पर अमल किया है और उन्होंने 1 एकड़ में बेर का बाग लगाकर आपनी कमाई को एक दम से दोगुना कर दिया हैं.

Organic Farming
gnttv.com
  • सोनीपत,
  • 19 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST
  • हर सीजन होती है 10 लाख की कमाई
  • भाई ने दी ऑर्गेनिक बेर लगाने की सलाह

खेती-बाड़ी को लेकर हरियाणा के किसानों की सोच अब बदल रही है. परंपरागत खेती को छोड़कर हरियाणा के किसान अब मुनाफा देने वाली फसलों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, सोनीपत के गांव मछोला के रहने वाले एक युवा किसान सुनील कुमार ने भी परंपरागत खेती को त्याग कर फलों की खेती करने की सोच पर अमल किया है और उन्होंने 1 एकड़ में बेर का बाग लगाकर आपनी कमाई को एक दम से दोगुना कर दिया हैं. आपको बता दें कि सुनील ने बाग में तीन एप्पल, बाल सुंदरी , माधोपुर किस्म के बेर लगाए है, और सुनील खुद ही इनको पेड़ से मजदूरों के साथ मिलकर फल को तोड़कर दुकानों तक पहुंचा रहे है और इनकी मार्कटिंग खुद ही कर रहे है. उनका बेर बाग ऑर्गेनिक है और इस बेर की डिमांड किसान सुनील तक दूर दराज से आ रही है.

हर सीजन होती है 10 लाख की कमाई
किसान सुनील कुमार ने बताया कि उसने 2020 में इस बाग को लगाया था और शुरुआत में इसको लगाने के लिए ढाई लाख रुपए की लागत आई थी. शुरुआती फसल से ही उसकी लागत पूरी हो गई थी. अब वो हर सीज़न लगभग 10 लाख रुपए के बेर आसपास की मार्किट में बेच रहा है. विदेशों में भी इस बेर को भेजने की तैयारी वो कर रहे है. उन्होंने बताया कि उनके भाई ने उनको ये ऑर्गेनिक बेर बाग लगाने की सलाह दी थी. उन्होंने 1 एकड़ में तीन एप्पल, बाल सुंदरी और माधोपुर किस्म के बेर लगाए है. उन्होंने बताया कि इस बाग में तीन महीने फसल आती है, जोकि जनवरी फरवरी और मार्च माह है. उन्होंने कहा कि हम बेर के इस बाग में हम गाय के गोबर का खाद व मलमूत्र प्रयोग कर रहे है ताकि किसी की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ ना हों. वही अब वो अन्य फल की खेती के लिए अपने खेतों को तैयार कर रहे हैं.

गौरतलब है कि अब हरियाणा का किसान परंपरागत खेती को त्याग कर सब्जियों और फलों की खेती की ओर सकारात्मक कदम उठा रहा है और अब आय को दोगुना कर रहा है. हरियाणा सरकार भी इस तरह की खेती को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है ताकि किसानों की आय को दोगुना किया जा सके.

(सोनीपत से पवन राठी की रिपोर्ट)

 

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