Marigold plant Care Tips: गेंदे के पौधे में डालें ये खास लिक्विड, फूलों से भर जाएगा गमला

अगर आपने बालकनी या छत पर गेंदे का पौधा लगाया है. लेकिन उसमें कम फूल आ रहे हैं. अगर आप इस पौधे में एक घरेलू खाद का इस्तेमाल करते हैं तो गेंदे के पौधों में खूब फूल आने लगेंगे.

Marigold Plant Care Tips
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

कई लोगों को गार्डनिंग का शौक होता है. लेकिन उनकी समस्या होती है कि वे ये तय नहीं कर पाते हैं कि कौन सा पौधा लगाएं. कई बार लोग फूल के पौधे लगा देते हैं, लेकिन उसमें फूल ही नहीं आते हैं. ऐसा ही एक पौधा गेंदा के फूल का है. ये बहुत जल्दी लग जाता है. लेकिन कई बार इसमें ज्यादा फूल नहीं आते हैं. अगर आप सही तरीके से गेंदे का पौधा लगाएंगे तो खूब फूल आएंगे. उसमें एक खाद डालने का तरीका आपको पता चल जाए तो गेंदे के फूलों से गमला भर जाएगा.

कैसा पौधा खरीदा चाहिए?
गेंदे का पौधा लगाने के लिए नर्सरी से ऐसा पौधा खरीदना चाहिए, जिसमें पहले से पिंचिंग की गई हो. इससे पौधा घना और मजबूत बनता है. नर्सरी से ऐसा पौधा नहीं खरीदना चाहिए, जिसमें पहले से बहुत ज्यादा फूल या कलियां हों, क्योंकि पौधे ज्यादा समय तक फूल नहीं देते हैं. ऐसे में अगर आप ज्यादा फूल या कलियों वाला पौधा चुनते हैं तो वो ज्यादा दिन तक फूल नहीं दे पाएंगे. इसलिए ऐसे पौधों से बचना चाहिए.

मिट्टी का सही मिश्रण जरूरी-
गेंदे का पौधा लगाने के लिए मिट्टी का सही मिश्रण जरूरी है. इसमें 50 फीसदी गोबर की खाद होनी चाहिए. इसके साथ मिट्टी, रेत और कंपोस्ट होना चाहिए. अगर नदी की रेत मिल जाए तो नतीजे और अच्छे मिलते हैं. एक बात का ध्यान रखें कि जब पौधे लगाए तो उसकी जड़ों को मिट्टी में अच्छी तरह से दबाएं.

धूप और पानी का संतुलन भी जरूरी-
गमले में पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए धूप और पानी का संतुलन भी जरूरी होता है. गर्मी के मौसम में 5-6 घंटे की धूप पर्याप्त है. पानी डालते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मिट्टी में नमी बनी रहे. हालांकि ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए. एक बात का ध्यान रखें कि जब ऊपर की मिट्टी सूख जाए तो पानी देना चाहिए.

इस खास खाद का करें इस्तेमाल-
घरेलू खाद का इस्तेमाल बेहद कारगर साबित हो सकता है. गोबर की खाद, केले के छिलके और प्याज के छिलकों को पानी में भिगोकर 1-2 तक रख दें. इसके बाद इस पानी को पौधों में डालना चाहिए. इससे पौधों में ज्यादा कलियां और फूल आते हैं. हर 15 दिन के बाद इस लिक्विड का इस्तेमाल करते रहे. 

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