खीरा सलाद के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है. इसके साथ ही रायता के लिए भी इसका खूब इस्तेमाल होता है. लेकिन कई बार इसे मार्केट से खरीदकर लाना भूल जाते हैं. लेकिन आप अगर इसे बालकनी में उगाते हैं तो इसे मार्केट खरीदना ही नहीं पड़ेगा. खीरा उगाना काफी आसान है. इसमें ज्यादा मेहनत भी नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि बालकनी में खीरा कैसे उगाते हैं?
गमले में कैसी होनी चाहिए मिट्टी?
खीरा उगाने के लिए सबसे पहले एक गमला लेते हैं. इसमें पानी निकासी के लिए छेद होना जरूरी है. खीरे की अच्छी पैदावार के लिए हल्टी दोमट मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद इसमें गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाते हैं. खीरे के बीज के पास-पास नहीं रोपना चाहिए, इससे खीरे के पौधे को फैलने की जगह नहीं मिलती है. इसलिए खीरे के बीज थोड़ी दूरी-दूरी पर लगाना चाहिए. खीरे के बीज बोने के 10-15 दिन बाद पौधे निकले लगते हैं.
खीरे के पौधे में कितना पानी देना चाहिए?
गमले में खीरे के पौधे को अच्छी तरह से बढ़ने के लिए समय पर पानी देना जरूरी है. खीरे के पौधे में रोजाना पानी नहीं देना चाहिए. खीरे के पौधे में एक या दो दिन बाद पानी देना चाहिए. लेकिन ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. इसलिए इस बात का जरूरी ध्यान रखना चाहिए.
खीरे के पौधे को कितना धूप चाहिए?
खीरे के पौधे को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है. आपको गमले को रोजाना 6 से 8 घंटे तक धूप में रखना होगा. इससे खीरे के पौधे तेजी से बढ़ते हैं.
कैसे करें पौधे की देखभाल?
खीरे के पौधे की देखभाल जरूरी है, नहीं तो ये बेतरतीब बढ़ने लगती है. पौधे की बेल को जाली या रस्सी पर चढ़ाना चाहिए, इससे पौधे को पर्याप्त हवा और धूप मिलती है. हर 15 दिन के बाद जैविक खाद या वर्मीकंपोस्ट डालना चाहिए. इससे अधिक फल लगते हैं.
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