कई लोग होम गार्डनिंग करते हैं. सब्जियां उगाते हैं. टमाटर भी उगाते हैं. लेकिन उनकी शिकायत रहती है कि पौधे में ज्यादा टमाटर नहीं लगते हैं. लेकिन आप गमले में आसानी से और खूब टमाटर उगा सकते हैं. इसके लिए सबसे जरूरी पौधों और गमलों का सही चयन है. मिट्टी की तैयारी और पौधे की देखभाल भी महत्वपूर्ण है. चलिए आपको टमाटर उगाने का आसान तरीका बताते हैं.
गमले और मिट्टी का चयन-
गमले में टमाटर उगाने के लिए कम से कम 18 इंच का गमला जरूरी है. गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. मिट्टी तैयार करने के लिए उपजाऊ मिट्टी, गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, पीपल या बरगद के नीचे की मिट्टी और रिवर सैंड का मिश्रण इस्तेमाल करें.
शानदार मिट्टी बनाने के लिए ये करें-
गमले की मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए एक खास तरह की खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें नीम की खली और सरसों की खली मिला सकते हैं. इससे मिट्टी अधिक ताकतवर बनती है.
बीज और पौधों की ट्रांसप्लांटिंग-
टमाटर के बीज को सीधे गमले में लगाने की बजाय पहले सीडिंग तैयार करना बेहतर होता है. 20 से 25 दिन पुरानी सीडिंग को गमले में ट्रांसप्लांट करें. ट्रांसप्लांटिंग के समय पौधे की जड़ों को गहराई में लगाना चाहिए, ताकि पौधे की ग्रोथ सही तरीके से हो.
पौधों की देखभाल और फर्टिलाइजर का इस्तेमाल-
पौधों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर जैसे मस्टर्ड केक लिक्विड का इस्तेमाल करें. इसे हर 7वें दिन मिट्टी में पानी की जगह इस्तेमाल करें. पिंचिंग तकनीक का इस्तेमाल करके पौधों की साइड ब्रांचेस बढ़ाएं, ताकि ज्यादा टमाटर लग सकें.
कैसे हो बीमारियों से बचाव?
टमाटर के पौधों पर बीमारियां लगने की संभावना रहती है, जैसे पत्तियों का मुड़ना. इसके लिए नीम ऑयल का छिड़काव करें. जड़ों की बीमारी को रोकने के लिए नीम खली का इस्तेमाल करें.
फसल और हार्वेस्टिंग-
टमाटर के पौधों पर फूल आने के बाद उन्हें समय पर काटें, ताकि पौधे की ग्रोथ सही तरीके से हो. मस्टर्ड केक लिक्विड फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से पौधों पर ज्यादा फूल और फल लगते हैं. फसल को समय-समय पर हार्वेस्ट करें, ताकि टमाटर गिरने से बचें. टमाटर उगाने का सही मौसम अक्टूबर से फरवरी तक होता है. गर्मी में टमाटर उगाने के लिए विशेष बीजों का इस्तेमाल करें.
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