छोड़िए गमला, इसमें कीजिए कम जगह सबसे बेस्ट गार्डनिंग

शहरों में जगह की कमी के चलते गार्डनिंग करना मुश्किल होता जा रहा है. लेकिन पीवीसी पाइप्स की मदद से कम जगह में भी अच्छी गार्डनिंग की जा सकती है. इसका इस्तेमाल बालकनी या छत पर की जा सकती है और अच्छी पैदावार ली जा सकती है.

PVC Pipe
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:39 PM IST

शहरी इलाकों में बढ़ती आबादी और जगह की कमी के चलते गार्डनिंग करना बड़ी चुनौती बन गया है. लेकिन कम जगह में पीवीसी पाइप्स की मदद से गार्डनिंग करना आसान हो गया है. इसकी मदद से सीमित जगह में फल, सब्जियां और फूल उगाया जा सकता है और उसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

PVC पाइप्स में करें खेती-
पारंपरिक गमलों की जगह पीवीसी पाइप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. सबसे पहले पाइप्स को काटकर वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल प्लांटर्स बन सकते हैं. इसके लिए एक 20 फीट के पीवीसी पाइप से 4–5 मजबूत छोटे-छोटे पाइप बना लें. ये पाइप्स कम जगह घेरते हैं और लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं. पाइप्स में हवा का प्रवाह बेहतर होता है, जिससे पौधों की जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है. फलदार पौधों के लिए चौड़े और गहरे पीवीसी पाइप्स का इस्तेमाल जरूरी है.

कम जगह में ले सकते हैं ज्यादा पैदावार-
पीवीसी पाइप्स के जरिए छत पर कम जगह में गार्डनिंग कर सकते हैं और छत को छोटी सी सब्जी मंडी बना सकते हैं. एक टावर में करीब 5 पौधे लगा सकते हैं. सब्जियों के साथ-साथ उन्होंने फलदार पौधों पर भी प्रयोग कर सकते हैं. उनकी छत पर पपीता, अंजीर, अमरूद और नींबू जैसे फलदार पौधे भी उगाए जा सकते हैं.

शहर में गार्डनिंग के लिए आदर्श मॉडल-
शहरों में पीवीसी पाइप्स की मदद से गार्डनिंग एक आदर्श मॉडल है, क्योंकि शहरों में कम जगह होती है. बालकनी और छोटे छतों पर भी इसे आसानी से अपनाया जा सकता है. कम खर्च में ज्यादा पौधे उगाए जा सकते हैं. घर पर ताजी और रसायन-मुक्त सब्जियां मिलती हैं.

पर्यावरण के अनुकूल-
ये तकनीक सिर्फ गार्डनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अहम कदम है. इससे न केवल हरियाली बढ़ती है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी मिलती है. कुल मिलाकर यह अनोखा गार्डनिंग मॉडल शहरी भारत के लिए एक नई राह दिखाता है, जहां कम जगह में भी प्रकृति के करीब रहा जा सकता है.

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