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नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूत 360 बच्चे, बरसात में ठप हो जाती है पढ़ाई, सालों से पुल का इंतजार

झारखंड के गढ़वा में 360 बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं. तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं निकला है. बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है. लेकिन जब बरसात का मौसम आता है और नदी उफान पर होती है तो बच्चों की पढ़ाई ठप हो जाती है.

Garhwa News
चंदन कुमार कश्यप
  • गढ़वा,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

झारखंड के गढ़वा जिले में बाढ़ में 360 बच्चों की पढ़ाई थम जाती है. बच्चे नदी पार कर स्कूल जाते हैं. सालों से पुल का इंतजार हैं. यंहा बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है. बच्चों को स्कूल जाने के लिए नदी पार करना पड़ता है. रंका प्रखंड के सिरोईकला उत्क्रमित उच्च विद्यालय के करीब 360 छात्र-छात्राएं और शिक्षक हर दिन इसी परेशानी से जूझते हैं. बरसात में जब नदी उफान पर आती है तो कई दिनों तक बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती है.

पुल नहीं, नदी पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे-
जिले के रंका प्रखंड के सिरोईकला उत्क्रमित उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल आने-जाने के लिए नदी पार करने को मजबूर हैं. आधुनिक दौर में भी विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई सरकारी सड़क या पुल नहीं होने से विद्यार्थियों को रोज जोखिम उठाना पड़ता है. वर्ष 2015 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा मिला था. वर्तमान में यहां करीब 360 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने का सुरक्षित रास्ता आज तक उपलब्ध नहीं कराया गया है.

बरसात में ठप हो जाती है पढ़ाई-
छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ती है. बरसात के दिनों में नदी में बाढ़ आने पर कई दिनों तक स्कूल जाना बंद करना पड़ता है. कई बार बाढ़ का पानी अधिक होने पर वे स्कूल पहुंचे बिना ही वापस लौट जाते हैं. नदी पार करते समय स्कूल ड्रेस भी भीग जाती है और हमेशा किसी अनहोनी का डर बना रहता है.

कई सालों से है ये समस्या- टीचर
विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि कई वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए विभाग को कई बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. शिक्षकों ने बताया कि वे भी बच्चों की तरह नदी पार कर विद्यालय पहुंचते हैं. कई बार कपड़े उतारकर नदी पार करनी पड़ती है. विद्यालय नदी किनारे स्थित होने के कारण छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखनी पड़ती है, ताकि कोई बच्चा नदी की ओर न चला जाये. ग्रामीणों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सरकार से जल्द नदी पर पुल बनवाने की मांग की है.

इस संबध मे जिले के डीसी ने कहा कि सूचना मिली है. हम दिखवाते है कि कौन विभाग से पुल बनेगा? बहुत जल्द बच्चों की मांग पूरी होगी.

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