गुजरात के वलसाड जिले के एक किसान ने एक ही आम के पेड़ पर कई तरह की आम की किस्मों का सफल ग्राफ्टिंग कर एक मिसाल पेश की है. करीब पांच साल पुराने इस आम के पेड़ की ऊंचाई लगभग 12 फीट है, जिस पर किसान ने लगभग 80 अलग-अलग किस्मों के आम का ग्राफ्टिंग करने में सफलता पाई है.
वर्तमान में इतनी किस्में हैं सुरक्षित
बताया जा रहा है कि पिछले साल मॉनसून के दौरान करीब 10 महीने पहले इस पेड़ पर ग्राफ्टिंग की गई थी. हालांकि भारी बारिश, तेज हवाओं और तूफान के कारण करीब 8 ग्राफ्टिंग की गई शाखाएं टूट गईं, लेकिन फिर भी 70 से अधिक किस्में सफल रही हैं. वर्तमान में इस पेड़ पर 62 किस्में सुरक्षित हैं. खुशी की बात यह है कि इनमें से 20 से 23 किस्मों में मंजरियां आ चुकी हैं और आम भी लग चुके हैं. इन किस्मों में बिग प्रिंस, सूर्य गमाई, सबजो, डाक मियां, अम्रपाली, थाई बनाना, रेड आइवरी, सेंसशन, टॉमी एटकिंस, मल्लिका, पंचमहल बारहमासी, तोतापुरी, गुलाब खास, केसर सहित कई देश-विदेश की किस्में शामिल हैं.
बड़ी उपलब्धि
सिर्फ 10 महीनों में एक ही पेड़ पर 22 किस्मों के आम का उत्पादन होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. किसान शैलेश पटेल का कहना है कि उनका लक्ष्य एक ही पेड़ पर 100 अलग-अलग किस्मों के आम उगाना है, ताकि एक ही जगह पर दुनिया भर के आम का स्वाद लिया जा सके.
कहां से मिली प्रेरणा
किसान शैलेश पटेल को एक ही आम के पेड़ पर इतनी किस्मों के अनोखे प्रयोग की प्रेरणा उत्तर प्रदेश के दौरे के दौरान मिली थी. वहां पर उन्होंने एक नर्सरी में एक ही पेड़ पर 50 किस्मों के आम देखे थे. उसी से प्रेरित होकर उन्होंने यह संकल्प लिया और आज वे अपनी मंजिल के करीब पहुंच चुके हैं. वलसाड के किसान का यह अनोखा प्रयोग न सिर्फ क्षेत्र में बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है.
(कौशिक जोशी की रिपोर्ट)