होली खुशियों और रंगों उमंग का त्योहार है, लेकिन यह त्योहार बालों की सेहत के लिए चुनौती भी बन सकता है. केमिकल वाले रंग सीधे स्कैल्प और बालों के संपर्क में आते हैं, जिससे बालों की नैचुरल नमी खत्म हो सकती है. इसका परिणाम यह होता है कि बाल रूखे, बेजान और कमजोर नजर आने लगते हैं. यहां तक की कई बार बालों का झड़ना और टूटना भी बढ़ जाता है. इसलिए होली का आनंद लेने के साथ-साथ बालों की सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है.
बालों की बाहरी परत बहुत सेंसेटिव होती है. यदि उस पर पहले से तेल की परत मौजूद हो, तो रंग बालों के अंदर गहराई तक नहीं जा पाते. होली खेलने से एक रात पहले बालों में अच्छी तरह नारियल, सरसों या बादाम का तेल लगाना फायदेमंद रहता है. तेल न केवल स्कैल्प को पोषण देता है, बल्कि बालों को टूटने से बचाने में भी मदद करता है. साथ ही, बाद में रंग छुड़ाना भी आसान हो जाता है.
खुले बालों से बढ़ता है नुकसान
होली के दिन बालों को खुला छोड़ना उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खुले बालों में रंग ज्यादा चिपकते हैं और उलझने की समस्या भी बढ़ जाती है. बेहतर होगा कि आप चोटी, जूड़ा या पोनीटेल बनाकर रखें. इससे बालों का रंगों से सीधा संपर्क कम होता है और वे सुरक्षित रहते हैं.
रंग हटाने में न करें जल्दबाजी
होली खेलने के तुरंत बाद बाल धोने की जल्दी न करें. सबसे पहले बालों में थोड़ा सा तेल लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें, ताकि जमा हुआ रंग ढीला पड़ जाए. इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल साफ करें. ध्यान रखें कि बार-बार शैम्पू करने से बाल और अधिक रूखे हो सकते हैं. बाल धोने के बाद कंडीशनर या हेयर मास्क का इस्तेमाल जरूर करें, ताकि खोई हुई नमी वापस आ सके और बाल फिर से मुलायम और स्वस्थ दिखें.
होली के बाद दें बालों को आराम
रंग और धूप के कारण बाल पहले ही कमजोर हो जाते हैं. ऐसे में कुछ दिनों तक हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर या कलर जैसे गर्म उपकरणों से दूरी बनाकर रखें. बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें और उन्हें पोषण दें. सही देखभाल के साथ आप होली के रंगों का आनंद भी ले सकेंगे और अपने बालों की खूबसूरती भी बनाए रखेंगे.