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मानसिक रुप से बीमार पति लापता, 6 बीघा जमीन पर देवर का कब्जा... दंडवत होकर महिला ने DM से लगाई गुहार

यूपी के हमीरपुर में एक महिला ने अनोखे अंदाज में अपनी शिकायत लेकर डीएम ऑफिस पहुंची. महिला दंडवत होकर जिलाधिकारी कार्यकाल पहुंची. इससे ऑफिस में हड़कंप मच गया. कर्मचारियों ने डीएम से महिला को मिलवाया. डीएम ने इंसाफ का भरोसा दिलाया.

Hamirpur News
नाह‍िद अंसारी
  • हमीरपुर,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में उस समय डीएम ऑफिस में हड़कंप मच गया, जब एक महिला दंडवत करते हुए अपनी शिकायत लेकर पहुंची. जिलाधिकारी कार्यकाल में अफरा-तफरी मच गई. पहले तो किसी को कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हो रहा क्या रहा है? लेकिन बाद में ऑफिस में तैनात कर्मचारियों ने महिला को डीएम से मिलवाया. महिला ने अपनी व्यथा सुनाई. डीएम ने इंसाफ का भरोसा दिलाया.

दंडवत होकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला-
एक साल से पति के लापता होने से देवर व जेठ पर जमीन कब्जा की शिकायत लेकर पीड़ित महिला दंडवत होकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची थी. महिला को इस हालत में देखकर अधिकारियों में हलचल मच गई. जिलाधिकारी अशोक कुमार से मिलने पहुंची पीड़िता ने अपनी व्यथा सुनाते हुए डीएम से न्याय की गुहार लगाई और बच्चों के भरण पोषण के लिए मकान व जमीन दिलाने की मांग की है. पीड़िता देवरती को देख परिसर में तैनात कर्मचारियों ने उसे समझाकर डीएम से मिलवाया.

पति मानसिक रूप से बीमार-
कैलाश चंद्र की पत्नी देवरती पत्नी ने बताया कि उसकी शादी मौदहा तहसील क्षेत्र के खड़ेही लोधन गांव निवासी कैलाश चंद्र के साथ हुई थी. पति मानसिक रूप से बीमार होने के बाद वह पति व बच्चों को लेकर अपने मायके पौथिया गांव में रहने लगी थी. पति करीब एक वर्ष पूर्व लापता हो गए. बहुत तलाश करने के बाद भी पता नहीं चला. 

देवर व जेठ ने जमीन पर किया कब्जा-
पति के लापता होने के बाद देवर व जेठ ने उनके हिस्से की जमीन पर कब्जा कर लिया है. छह बीघा जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर वह कई बार मौदहा एसडीएम व मुस्करा थाने के चक्कर लगा चुकी है. लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका. पीड़िता ने बताया कि 20 वर्षीय बेटी गुड़िया और 18 वर्षीय बेटे आकाश के भरण पोषण की जिम्मेदारी उसी पर है. परिवार का खर्च चलाने के लिए वह मजदूरी करने को मजबूर है. 

डीएम ने इंसाफ का दिलाया भरोसा-
पीड़िता ने डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि उसे गांव में रहने के लिए मकान व पति के हिस्से की जमीन दिलाई जाए, ताकि वह अपने बच्चों का भरण पोषण कर सके. पीड़िता की समस्या सुन डीएम अशोक कुमार ने मौदहा एसडीएम करनवीर सिंह को मौके पर जा कर समाधान कर महिला को न्याय दिलाने के निर्देश दिए. जमीन में लेटकर फरियाद करने पहुंची इस महिला के इस तरीके की अब जिलेभर में चर्चा हो रही हैं.

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