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Horse Show Faridkot: फरीदकोट हॉर्स शो में दिखा 3 करोड़ से ज्यादा की कीमत का घोड़ा...बाकी घोड़े से अधिक है ऊंचाई,शरीर पर नहीं है एक भी दाग

फरीदकोट हॉर्स शो में करीब 200 से ज्यादा नुकरा और मारवाड़ी घोड़े-घोड़ियों ने भी हिस्सा लिया. यहां एक अनोखे पदम नाम के बेस कीमती घोड़े की कीमत लगभग 3 करोड़ से अधिक बताई जा रही है.

Horse Show
gnttv.com
  • फरीदकोट,
  • 05 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

कहा जाता है के शौक का कोई मूल्य नहीं होता है. यह कहावत कहीं ना कहीं सच है क्योंकि पंजाबियों का एक शौक घोड़ा पालन भी है. यह रिवाज राजा महाराजा के समय से चला आ रहा है. अब पंजाब में घोड़े पालने के शौक के साथ-साथ यह धंधा भी बनता जा रहा है. इन घोड़े की कीमत लाखों से लेकर करोड़ तक चली जाती है. यही वजह है कि अब इन घोड़े को सहायक धंधे के तौर पर भी लोग अपना रहे हैं. 

पंजाब के जिला फरीदकोट में छठा हॉर्स शो करवाया गया जिसमें पंजाब के अलावा अन्य स्टेट से करीब 200 से ज्यादा घोड़े-घोड़ियों ने हिस्सा लिया. इसमें नुकरा और मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों का मुकाबला करवाया गया. इस मेले में आए घोड़े की अगर कीमत की बात करें तो 3 लाख से लेकर 3 करोड़ तक की कीमत के घोड़े यहां देखने को मिले. इस मेले में काला कांटा, बाहुबली, रुस्तम और पदम नाम के घोड़े थे जिनकी कीमत करोड़ों में लग चुकी है. 4 दिन चलने वाले इस हॉर्स शो में विजेता घोड़े के मालिकों को कार और मोटरसाइकिल दी जाएगी.

3 करोड़ की कीमत वाला घोड़ा
हमसे बात करते हुए पदम घोड़े के मालिक जसपाल सिंह ने बताया के पदम घोड़े की कीमत लगभग 3 करोड रुपए लग चुकी है मगर इन्होंने बेचा नहीं.घोड़े की खासियत के बारे में उन्होंने बताया कि यह घोड़े बेस कीमती हैं. इस घोड़े पर एक भी दाग निशान नहीं है. पदम की उम्र करीब 4 साल की है और पंजाब के सभी घोड़े से इसकी ऊंचाई ज्यादा है. बॉलीवुड स्टार सलमान खान भी इनसे बेताब घोड़ा खरीद के लेकर गए थे. जसपाल सिंह ने बताया के यह हमारा कमाऊ पूत है और इसकी डाइट भी स्पेशल होती है.मलिक ने बताया की खेती के साथ-साथ यह एक सहायक धंधा भी है.

लोगों के लिए कमाई का जरिया
वही इस हॉर्स शो के प्रबंधक सरदार कुशलदीप सिंह ढिल्लों पूर्व विधायक फरीदकोट ने बताया के हर साल फरीदकोट में एक हॉर्स शो स्टेट लेवल का करवाया जाता है. इस बार यह छठा हॉर्स शो है जिसमें मारवाड़ी और नुकरे घोड़े का हॉर्स शो करवाया गया. इसमें दो सौ के करीब घोड़े ने हिस्सा लिया. पहले यह सिर्फ पंजाबियों का शौक था. लेकिन अब यह कहीं ना कहीं यह एक सहायक धंधे के रूप में भी विकसित हो रहा है क्योंकि नुकरे और मारवाड़ी घोड़े की कीमत लाखों से लेकर करोड़ तक होती है जिस वजह से यह एक बेहतर धंधा भी बनता जा रहा है.

(प्रेम पासी की रिपोर्ट)

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