गर्मी के मौसम में कार एसी का इस्तेमाल बढ़ जाता है. तपती गर्मी में बिना एसी के सफर करना लगभग मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या एसी चलाने से कार ज्यादा पेट्रोल या डीजल खर्च करती है? अक्सर लोग कहते हैं कि एसी ऑन करते ही माइलेज तेजी से गिर जाता है, लेकिन इसकी सच्चाई क्या है, यह जानना भी जरूरी है.
कार का एयर कंडीशनर सीधे इंजन की ताकत से चलता है. जब आप एसी ऑन करते हैं तो उसका कंप्रेसर इंजन पर एक्स्ट्रा प्रेशर डालता है. इंजन को एसी और कार दोनों को एक साथ चलाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. यही वजह है कि फ्यूल की खपत थोड़ी बढ़ जाती है.
माना जाता है कि एसी इस्तेमाल करने पर कार का माइलेज 5 से 15 प्रतिशत तक कम हो सकता है. यानी अगर आपकी कार सामान्य स्थिति में 15 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो एसी चलाने पर यह 13 से 14 किलोमीटर प्रति लीटर तक आ सकता है. लेकिन माइलेज का फैक्टर हर कार में अलग-अलग हो सकता है.
शहर और हाईवे भी है एक फैक्टर
अगर आप शहर के भारी ट्रैफिक में कार चला रहे हैं, तो एसी का असर ज्यादा महसूस होता है. बार-बार ब्रेक और एक्सीलेरेशन के कारण इंजन पर दबाव बढ़ता है, जिससे फ्यूल ज्यादा खर्च होता है. वहीं हाईवे पर लगातार एक जैसी स्पीड में कार चलने से एसी का असर शहर के मुकाबले कम दिखाई देता है. यानी माइलेज पर एसी का कितना असर पड़ेगा, यह आपकी ड्राइविंग स्टाइल और सड़क की स्थिति पर भी निर्भर करता है.
ऐसे करें एसी का सही इस्तेमाल
अगर आप गर्मी में आराम भी चाहते हैं और फ्यूल की बचत भी करना चाहते हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कार स्टार्ट करते ही तुरंत एसी को फुल स्पीड पर चलाने के बजाय पहले कुछ सेकंड के लिए खिड़कियां खोल दें. इससे कार के अंदर जमा गर्म हवा बाहर निकल जाती है और एसी को केबिन ठंडा करने में कम मेहनत करनी पड़ती है. साथ ही समय-समय पर एसी फिल्टर की सफाई और सर्विसिंग करवाना भी जरूरी है. गंदा फिल्टर एसी की पावर कम कर देता है, जिससे फ्यूल ज्यादा खर्च हो सकता है.