उपले से लेकर खाद तक, किसान ऐसे करते हैं गोबर का इस्तेमाल

शहरों में रहने वाले लोग आमतौर पर इसे सिर्फ पैक्ड खाद के रूप में जानते हैं, लेकिन ग्रामीण भारत में गोबर एक बहुउपयोगी, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल समाधान रहा है. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं 5 ऐसे तरीकों के बारे में जिनसे गोबर को इस्तेमाल किया जा सकता है.

गोबर
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

How To Use Cow Dung: भारत के गांवों में गोबर हमेशा से एक सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला सामान रहा है. ईंधन, खाद, घरों की लिपाई-पुताई, कीट नियंत्रण और मिट्टी सुधार इन सभी कामों में पीढ़ियों से किसान गोबर का उपयोग करते आए हैं. शहरों में रहने वाले लोग आमतौर पर इसे सिर्फ पैक्ड खाद के रूप में जानते हैं, लेकिन ग्रामीण भारत में गोबर एक बहुउपयोगी, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल समाधान रहा है. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं 5 ऐसे तरीकों के बारे में जिनसे गोबर को इस्तेमाल किया जा सकता है.

गोबर का खाद
गोबर को सीधे खेत में नहीं डालते, बल्कि उसे सड़ा-गला (कम्पोस्ट) या घोल बनाकर इस्तेमाल करते हैं. इससे मिट्टी में अच्छे सूक्ष्म जीव बढ़ते हैं और उसकी नमी पकड़ने की क्षमता बढ़ती है.

कीट और बीमारियों से प्राकृतिक सुरक्षा
ग्रामीण किसान गोबर, गोमूत्र, नीम, लहसुन और मिर्च से प्राकृतिक कीटनाशक तैयार करते हैं. ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को दूर रखते हैं, बिना मिट्टी को खराब किए. गमलों या छोटे पेड़ों के तने पर गोबर-मिट्टी की पतली परत लगाने से कीड़े दूर रहते हैं.

बायोगैस
गांवों में गोबर से बायोगैस बनाई जाती है और सूखे उपलों की राख खेतों में डाली जाती है. साथ ही गोबर के बड़े ढेर से निकलने वाली गर्मी का उपयोग सर्दियों में बीज जमाने के लिए होता है.

घरों को ठंडा करने में इस्तेमाल
गोबर और मिट्टी से की गई लिपाई घरों को ठंडा और गर्म दोनों मौसम में संतुलित रखती है. यह प्राकृतिक रूप से कीटाणुरोधी भी होती है.

बीज और पौधों की शुरुआती
किसान बीज बोने से पहले उन्हें गोबर के घोल में डुबोते हैं, जिससे अंकुरण बेहतर होता है और बीमारियां कम लगती है.

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