बारिश के मौसम में घर की लकड़ी वाली खिड़कियां और दरवाजों का फूलना आम परेशानी है. लगातार बारिश और नमी के कारण लकड़ी पानी सोख लेती है. इससे उसका साइज थोड़ा बढ़ जाता है. इसके बाद दरवाजा फ्रेम में फंसने लगता है और उसे खोलने या बंद करने में परेशानी होती है. खिड़की के साथ भी ऐसा ही हो सकता है. लेकिन अगर परेशानी ज्यादा बड़ी नहीं है, तो इसे घर पर ही ठीक किया जा सकता है.
खिलड़ी-दरवाजा सूखाना है जरूरी!
बारिश के बाद अगर दरवाजा या खिड़की अटक रही है, तो सबसे पहले उसे सूखने का समय दें. कमरे में हवा आने दें. बारिश रुकने के बाद कुछ समय के लिए खिड़कियां खोल सकते हैं. इससे कमरे की नमी कम होगी. जरूरत हो तो पंखा चलाकर भी हवा का बहाव बढ़ाया जा सकता है. ज्यादा नमी रहने पर लकड़ी फिर से फूल सकती है. इसलिए केवल दरवाजा ठीक करना ही नहीं, कमरे को सूखा रखना भी जरूरी है.
सैंडपेपर से भी घिस कर सकते हैं फिट
अगर दरवाजा किसी एक जगह से ज्यादा रगड़ खा रहा है, तो उस हिस्से को ध्यान से देखें. इसके बाद बारीक सैंडपेपर की मदद से उस जगह को हल्का-हल्का घिसें. एक बार में ज्यादा लकड़ी हटाने की जरूरत नहीं है. थोड़ा घिसने के बाद दरवाजा बंद करके देखें. अगर अभी भी अटक रहा है, तो दोबारा हल्की सैंडिंग कर सकते हैं.
खिड़की के फ्रेम के साथ भी यही तरीका अपनाया जा सकता है. लेकिन खिड़की को खोलने के लिए बहुत ज्यादा जोर न लगाएं. इससे कांच या फ्रेम को नुकसान पहुंच सकता है.
अगली बार के लिए पहले से करें बचाव
दरवाजा ठीक होने के बाद उसकी लकड़ी को बारिश और नमी से बचाना जरूरी है. अच्छी तरह सूखने के बाद किनारों पर नमी रोकने वाला प्राइमर, पेंट या सीलेंट लगाया जा सकता है. दरवाजे का नीचे वाला हिस्सा खास ध्यान मांगता है, क्योंकि वहां पानी लगने की संभावना ज्यादा रहती है. अगर दरवाजे के किनारों से पानी या हवा अंदर आती है, तो वेदर स्ट्रिप या सीलिंग टेप भी लगाया जा सकता है. इससे नमी का सीधा संपर्क कम करने में मदद मिलती है.
अगर लकड़ी बहुत ज्यादा फूल गई है, सड़ने लगी है, फ्रेम टेढ़ा हो गया है या दरवाजा बिल्कुल नहीं खुल रहा है, तो खुद ज्यादा लकड़ी काटने की कोशिश न करें. ऐसी स्थिति में बढ़ई से जांच करवाना बेहतर है.