ज्यादातर लोग हरा धनिया के बिना सब्जी नहीं खाते हैं. लेकिन इसके लिए उनको बार-बार मार्केट जाना पड़ता है, क्योंकि हरा धनिया जल्द ही सूख जाता है. कई बार घर में गमले में धनिया उगाते हैं. लेकिन उनकी शिकायत रहती है कि उसमें पत्ते ज्यादा नहीं आते हैं. धनिया के पौधे की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए जैविक उर्वरक का इस्तेमाल एक प्रभावी तरीका है. जले हुए लकड़ी की राख को जैविक उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह राख कैल्शियम और पोटेशियम से भरपूर होती है, जो पौधे की ग्रोथ में मदद करती है.
धनिया के पौधे की ग्रोथ बड़ी समस्या-
धनिया के पौधे की ग्रोथ धीमी होने की समस्या कई बागवानी प्रेमियों के सामने आती है. धनिया का बीज लगाने के बाद पौधे को बढ़ने में महीनों लग जाते हैं. इस समस्या को हल करने के लिए जैविक उर्वरक का इस्तेमाल एक प्रभावी समाधान हो सकता है. इसके इस्तेमाल से धनिया के पौधे तेजी से बढ़ते हैं और उसमें पत्तियां भी खूब लगती हैं.
जली लकड़ी की राख का इस्तेमाल-
जले हुई लकड़ी की राख में कैल्शियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो धनिया के पौधे की ग्रोथ को तेज करते हैं. इतना ही नहीं, इसके इस्तेमाल से पौधों पर पत्तियों भी खूब आती हैं. आप पत्तियां तोड़ते-तोड़ते थक जाएंगे, लेकिन धनिया का पौधा सूखेगा नहीं.
कैसे करें राख का इस्तेमाल-
सबे पहले गमले में गुड़ाई करें. इसके बाद राख को धनिया के पौधों की जड़ों में डालते हैं. राख को ऊपर से पौधों से छिड़क देते हैं. इसके बाद गमले को हिला देते हैं, ताकि पौधे को पोषक तत्व सही तरीके से मिल सकें. यह प्रक्रिया न केवल धनिया के पौधे की ग्रोथ को तेज करती है, बल्कि इसे स्वस्थ भी बनाती है.
जली लकड़ी की राख न केवल पौधों की ग्रोथ को बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता को भी सुधारती है. यह धनिया के पौधे की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए एक सरल और प्रभावी तरीका है.
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