अब छत या बालकनी में उगाएं अनार का पौधा, छोटे गमले में आसान तरीके से पाएं ताजे और रसीले फल घर पर ही

अनार का पौधा गमले में भी अच्छी तरह बढ़ता है और ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. सही गमला, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और थोड़ी नियमित देखभाल से आप अपने घर की छत या बालकनी में ही अनार उगाकर ताजे फलों का आनंद ले सकते हैं. आइए जानते हैं गमले में अनार उगाने के आसान तरीके.

अनार घर पर कैसे उगाएं
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

आजकल शहरों में रहने वाले लोग भी अपने घर की छत या बालकनी में फल-सब्जियां उगाने की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. अगर आपके पास बड़ी जगह नहीं है तो भी आप गमले में कई फलों के पौधे आसानी से उगा सकते हैं. इन्हीं में से एक है अनार का पौधा. अनार का पौधा गमले में भी अच्छी तरह बढ़ता है और ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. सही गमला, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और थोड़ी नियमित देखभाल से आप अपने घर की छत या बालकनी में ही अनार उगाकर ताजे फलों का आनंद ले सकते हैं. आइए जानते हैं गमले में अनार उगाने के आसान तरीके.

सही गमला और स्वस्थ पौधा चुनें
गमले में अनार उगाने के लिए सबसे पहले सही गमले का चुनाव करना जरूरी है. ऐसा गमला चुनें जो लगभग 12 से 18 इंच गहरा और चौड़ा हो. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए अच्छे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए, ताकि पानी जमा न हो और जड़ों को नुकसान न पहुंचे. बीज से पौधा उगाने के बजाय किसी नर्सरी से स्वस्थ अनार का पौधा लाना बेहतर होता है. नर्सरी का पौधा जल्दी बढ़ता है और कम समय में फल भी देने लगता है.

पौधे के लिए पोषक मिट्टी तैयार करें
अनार के पौधे के लिए अच्छी जल निकासी वाली और हल्की अम्लीय से सामान्य मिट्टी सबसे अच्छी रहती है. मिट्टी का pH लगभग 5.5 से 7 के बीच होना चाहिए. इसके लिए आप गार्डन की मिट्टी, कंपोस्ट, कोकोपीट और वर्मी कम्पोस्ट को मिलाकर मिट्टी तैयार कर सकते हैं. कई लोग मिट्टी में नीम खली या पर्लाइट भी मिलाते हैं, जिससे पानी का निकास बेहतर होता है। ऐसी पोषक और ढीली मिट्टी जड़ों को सही पोषण देती है और पौधा तेजी से बढ़ता है.

पौधे को धूप वाली जगह पर रखें
अनार का पौधा धूप और गर्म मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोज कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप मिले. अगर पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलेगी तो पत्तियां तो बढ़ेंगी, लेकिन फल कम लगेंगे. दक्षिण दिशा की बालकनी या छत का खुला हिस्सा अनार के पौधे के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.

पौधे को सही मात्रा में पानी दें
गमले में लगे पौधे की देखभाल में पानी देना सबसे जरूरी हिस्सा है. मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें, लेकिन उसमें पानी जमा नहीं होना चाहिए. पौधे को तभी पानी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस हो. गर्मियों में या फूल आने के समय पौधे को थोड़ी ज्यादा बार पानी देने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि ज्यादा पानी देने से जड़ों में बीमारी हो सकती है, इसलिए इससे बचना चाहिए.

जैविक खाद का इस्तेमाल करें
गमले में लगे पौधों की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व जल्दी खत्म हो जाते हैं। इसलिए पौधे को हर 4 से 6 हफ्ते में खाद देना जरूरी है. इसके लिए आप गोबर की खाद, कंपोस्ट या संतुलित जैविक खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. पोटाश और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पौधे में अच्छे फूल और फल आने में मदद करते हैं.

पौधे की समय-समय पर छंटाई करें
अनार के पौधे की अच्छी बढ़त और अधिक फल पाने के लिए समय-समय पर छंटाई करना जरूरी है. पौधे की सूखी, कमजोर या आपस में उलझी हुई शाखाओं को हटा देना चाहिए. जब पौधा लगभग 2 से 3 फीट ऊंचा हो जाए तो हल्की छंटाई करने से पौधा झाड़ीदार बनता है और उसमें हवा का प्रवाह भी अच्छा रहता है.

कीट और बीमारियों से पौधे को बचाएं
अनार के पौधे पर कई बार कीड़े या छोटे-मोटे कीट लग सकते हैं. इससे बचाव के लिए नीम के पानी का स्प्रे करना एक आसान और प्राकृतिक तरीका है. इसके अलावा पौधे के आसपास साफ-सफाई रखना और हवा का अच्छा प्रवाह बनाए रखना भी जरूरी है. समय-समय पर पौधे की पत्तियों और तनों की जांच करते रहें.

घर पर ही मिलेंगे ताजे अनार
अगर सही गमला, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल मिल जाए तो अनार का पौधा गमले में भी अच्छी तरह फल दे सकता है. थोड़ी सी मेहनत और धैर्य से आप अपने घर की छत या बालकनी में ही सुंदर फूलों और ताजे अनार का आनंद ले सकते हैं.

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