लगभग पूरे देश में बारिश का मौसम आ गया है, बारिश के मौसम में अगर पकौड़े मिल जाएं तो 'आह' मजा ही आ जाता है. हालांकि, पकोड़ों को तेल में फ्राई किया जाता है. जिसके चलते लोग इसे खाने से बचते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बिना एक बूंद तेल इस्तेमाल किए भी स्वादिष्ट पकौड़े बना सकते हैं. खास बात है कि इसके लिए आपको एयर फ्रायर की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. सिर्फ एक प्रेशर कुकर की मदद से घर पर हेल्दी पकौड़े तैयार किए जा सकते हैं. तो चलिए आज आपको बताते हैं बिना तेल के पकोड़े बनाने की विधि के बारे में.
बिना तेल के पकोड़े बनाने की विधि
बैटर करें तैयार
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन लें. इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अजवाइन और अपनी पसंद के दूसरे मसाले डालें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए स्मूथ बैटर तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा. सही कंसिस्टेंसी से पकोड़े अच्छे बनते हैं.
अब डालें मनपसंद सब्जियां
अब तैयार बैटर में बारीक कटी हुई प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया डालें. चाहें तो इसमें पालक, आलू या दूसरी पसंदीदा सब्जियां भी मिला सकते हैं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें ताकि हर सब्जी पर बैटर अच्छी तरह चढ़ जाए.
प्रेशर कुकर में बनाएं पकोड़े
अब एक प्रेशर कुकर लें और उसकी सीटी निकाल दें. कुकर के तले में 1 से 2 कप साधारण नमक डालें. अब इसे मीडियम आंच पर करीब 5 से 7 मिनट तक पहले से गर्म करें. इस दौरान कुकर को केवल ढक कर रखें, उसे पूरी तरह लॉक न करें.
ऐसे बनाएं पकोड़े
अब एक छोटी स्टील की कटोरी लें और उसमें तैयार बैटर भर दें. चाहें तो कटोरी में हल्का सा तेल लगा सकते हैं ताकि बैटर आसानी से निकल जाए, लेकिन यह जरूरी नहीं है. कटोरी को पूरा न भरें, अब इसे सावधानी से गर्म कुकर के अंदर रखें और मीडियम आंच पर 5 से 6 मिनट तक पकने दें. बीच-बीच में जांचते रहें कि बैटर अच्छी तरह पक गया है या नहीं. पूरे समय कुकर की सीटी निकली हुई होनी चाहिए.
टुकड़ों में काटें और परोसें
जब बैटर पूरी तरह पक जाए तो कटोरी बाहर निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद इसे प्लेट में पलटें और मनचाहे आकार में काट लें. आपके बिना तेल वाले हेल्दी पकौड़े तैयार हैं. इन पकोड़ों को हरी चटनी, इमली की चटनी या गर्मागर्म चाय के साथ परोसें. हालांकि इसका स्वाद और टेक्सचर डीप फ्राई पकोड़ों से थोड़ा अलग होगा, लेकिन अगर आप हेल्दी स्नैक की तलाश में हैं तो यह तरीका एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है.
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