दूध से बनी खीर तो आपने कई बार खाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी गन्ने के रस में बनी खीर यानी रसखीर (रसावल) का स्वाद चखा है? यह एक ट्रेडिशनल भारतीय मिठाई है, जो खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में बनाई जाती है. ताजे गन्ने के रस की मिठास इसे सामान्य खीर से बिलकुल अलग और खास बनाती है. इसमें चीनी डालने की कोई जरूरत नहीं होती, क्योंकि गन्ने का रस खुद ही मीठा होता है. चावल, सूखे मेवे और हल्की खुशबूदार इलायची के साथ तैयार यह मिठाई स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है.
क्यों खास है रसखीर?
रसखीर सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि न्यूट्रिशन में भी खास होती है. गन्ने का रस एनर्जी का अच्छा सोर्स है, जो शरीर को तुरंत ताकत देता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इसे हेल्दी मिठाई बनाते हैं. साथ ही, इसमें डाले जाने वाले ड्राई फ्रूट्स इसे और खास बना देते हैं. कुछ लोग इसे सादा खाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ इसे दूध या दही के साथ मिलाकर खाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
इस टेस्टी रसखीर को बनाने के लिए आपको कुछ चीज़ों की जरूरत होगी.
कैसे तैयार करें रसखीर?
रसखीर बनाने के लिए सबसे पहले गन्ने के रस को एक बड़े बर्तन में छलनी से छान लें. ध्यान रखें कि वह पूरी तरह से साफ हो. इसके बाद रस को गैस पर चढ़ाकर उबाल आने दें. जैसे ही उबाल आए, आंच धीमी कर दें और ऊपर बनने वाली काले झाग को बार-बार हटाते रहें. यह प्रोसेस तब तक जारी रखें जब तक झाग बनना बंद न हो जाए. इससे रस साफ हो जाएगा और खीर का रंग भी अच्छा रहेगा.
अब पहले से भिगोए हुए चावल इसमें डाल दें और धीमी आंच पर पकने दें. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि चावल अच्छे से पक जाएं और नीचे चिपके नहीं. जब चावल पूरी तरह नरम हो जाएं, तब इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर डालें. खीर को तब तक पकाएं जब तक यह गाढ़ी न हो जाए.
ऐसे परोसें मेहमानों के सामने
खीर तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें. आप इसे सादा भी सर्व कर सकते हैं या फिर दूध या दही के साथ मिलाकर परोस सकते हैं.