गर्मी के मौसम में नारियल पानी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटीवायरल, एंटी डायबिटिक, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. यही वजह है कि जैसे ही तापमान बढ़ता है, बाजार में नारियल पानी की डिमांड भी बढ़ जाती है. इन दिनों एक नारियल 70 से 80 रुपए तक बिक रहा है. ऐसे में लोग इसे अच्छे से ठोक-बजाकर खरीदते हैं, ताकि एक नारियल से कम से कम एक गिलास भर पानी तो जरूर निकल आए.
ऐसा नारियल भूलकर भी न खरीदें
महंगा होने के बावजूद कई बार लोग ऐसा नारियल खरीद लेते हैं जिसमें पानी बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता. इसलिए खरीदते समय सावधानी जरूरी है.
बहुत हल्का नारियल अक्सर सूखा होता है, इसलिए ऐसे नारियल से बचें. अगर नारियल पर दरारें हों या वह दबाने पर नरम लगे, तो उसे न खरीदें. यह खराब हो सकता है.
अगर कोई नारियल आकार में काफी बड़ा दिख रहा है लेकिन उठाने में बहुत हल्का महसूस हो रहा है, तो उसे कभी न खरीदें.
नारियल को हिलाने पर अगर पानी की आवाज साफ नहीं आती, तो समझ लें कि उसमें पानी कम है. ऐसे नारियल लेने से पैसा और उम्मीद दोनों खराब हो सकते हैं.
नारियल के ऊपरी हिस्से पर अक्सर तीन धारियां या निशान होते हैं. अगर किसी नारियल की ये तीनों लाइनें अंदर की ओर धंसी हुई नजर आएं, तो उसे न खरीदें.
कैसे चुनें पानी से भरा नारियल
अच्छा नारियल पहचानने के लिए सबसे पहले उसका वजन जांचें. जो नारियल भारी होगा, उसमें पानी ज्यादा होने की संभावना होती है.
दूसरा तरीका है उसे हिलाकर देखना. अगर अंदर पानी की आवाज साफ और तेज सुनाई दे, तो वह नारियल सही है.
ताजा नारियल हल्का हरा और चमकदार होता है, जबकि ज्यादा पीला या भूरा नारियल पुराना हो सकता है.
नारियल के ऊपरी सतह पर ज्यादा दाग-धब्बे या फफूंदी न हो, इसका भी ध्यान रखें.
गर्मी में क्यों फायदेमंद है नारियल पानी खास
तेज धूप और पसीने के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है. नारियल पानी इनकी पूर्ति करने का सबसे आसान और नेचुरल तरीका है. इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं. यह पेट के लिए भी फायदेमंद है. एसिडिटी, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है. इसके अलावा, यह स्किन को हाइड्रेट रखता है, जिससे गर्मी में भी त्वचा फ्रेश और ग्लोइंग बनी रहती है. नियमित सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है.