सभी लोगों के घरों में तुलसी का पौधा तो होता ही है. कई लोगों का एक पौधा सालों साल चलता है वहीं कई लोग हर सीजन में नया पौधा लगाते हैं लेकिन सीजन जाते-जाते वो भी मुरझाने लगता है. अगर आपके घर में भी लगा तुलसी का पौधा सूखने लगा है तो इस तरीके से आप अपने तुलसी के पौधे को फिर से हरा-भरा बना सकते हैं.
सबसे पहले सूखी टहनियां हटाएं
अगर तुलसी का पौधा सूखने लगा है तो सबसे पहले उसकी सूखी टहनियों को काटकर हटा दें. सूखी टहनियां पौधे की ऊर्जा को बेकार में खर्च करती रहती हैं. जब इन्हें काट दिया जाता है तो पौधे की ताकत नई शाखाएं और पत्तियां उगाने में लगती है.
रोज हल्का पानी का स्प्रे करें
तुलसी के पौधे को नमी वाला वातावरण पसंद होता है. इसलिए इसकी पत्तियों और टहनियों पर रोज हल्का पानी स्प्रे करना फायदेमंद होता है.
इससे नई कोपलें निकलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और पौधा धीरे-धीरे फिर से हरा होने लगता है.
तुलसी को बहुत तेज धूप भी नुकसान पहुंचा सकती है और बिल्कुल धूप न मिलना भी ठीक नहीं होता.
पौधे को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की 2 से 3 घंटे की हल्की और ताजी धूप मिले. दोपहर की तेज धूप में रखने से पत्तियां झुलस सकती हैं.
तुलसी की मिट्टी में हमेशा नमी रखें
तुलसी के पौधे की मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए. हालांकि ध्यान रखें कि ज्यादा पानी देना भी नुकसानदायक हो सकता है.
अगर गमले में पानी जमा हो जाए तो जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा पूरी तरह खराब हो सकता है. इसलिए गमले में पानी निकलने की सही व्यवस्था होना जरूरी है.
सरसों से बनाएं तुलसी के लिए ताकतवर खाद
सूखते हुए तुलसी के पौधे के लिए सरसों की खली का पाउडर लें और उसमें हल्दी मिला हुआ पानी डालकर अच्छे से मिला लें.
इसे चाहें तो पानी में भिगोकर लिक्विड खाद की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. सरसों में मौजूद पोषक तत्व जड़ों को सक्रिय करते हैं और पौधे की रुकी हुई ग्रोथ को तेजी से बढ़ाते हैं.
बाजार से खाद खरीदने की जगह आप घर पर ही सरसों के बीज से फ्री में खाद तैयार कर सकते हैं.
इसके लिए पीली या काली सरसों के बीज लें और उन्हें दरदरा पीस लें. इसके बाद इस पाउडर को 2 दिन तक धूप में सुखा लें, ताकि उसमें मौजूद नमी खत्म हो जाए.
अब गमले की मिट्टी को हल्का खोदकर इसमें यह पाउडर मिला दें. इससे मिट्टी में पोषण बढ़ेगा और पौधे की जड़ों को ताकत मिलेगी.
कैसे डालनी है तुलसी के पौधे में खाद
सरसों की खाद तासीर में थोड़ी गर्म होती है. इसलिए इसे बहुत तेज गर्मी के मौसम में ज्यादा मात्रा में नहीं डालना चाहिए.
इस खाद का इस्तेमाल हर 20 से 25 दिन में एक बार ही करें. इससे पौधे को पर्याप्त पोषण मिलता रहेगा और वह धीरे-धीरे घना और हरा-भरा बन सकता है. हफ्ते भर में आपको खुद ही फर्क नजर आने लगेगा.
ये भी पढ़ें: