भारतीय घरों में तुलसी का पौधा केवल एक आम पौधा नहीं बल्कि इसे धर्म से भी जोड़कर देखा जाता है. साथ ही यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. आमतौर पर यह पौधा लगभग हर घर में पौधा देखने को मिल जाता है, लेकिन कहीं-कहीं लोगों की शिकायत रहती है उनका पौधा हरा-भरा नहीं रहता है. लोगों का कहना होता है कि अच्छी देखभाल करने के बाद भी उनके पौधे के पत्ते अक्सर पीले पड़ जाते हैं, साथ ही पौधा सूख जाता है. ऐसे में लोग इसके पीछे के कारण को नहीं समझ पाते आते हैं. अब जब कारण ही नहीं पता तो समाधान कैसे निकाल सकते हैं. तो इसके पीछे के कारण और समाधान हम आपको यहां बताते हैं.
पत्तियां पीली होने के पीछे छिपे कारण
तुलसी के पत्तों का पीला होना के पीछे कई कारण होते हैं. जिसमें मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, खास तौर पर नाइट्रोजन और पोटैशियम की कमी, इसका बड़ी वजह होती है. इसके अलावा कई बार जरूरत से ज्यादा पानी देना, मिट्टी का सख्त हो जाना या जड़ों तक हवा और पोषण का सही तरीके से नहीं पहुंच पाना भी पौधे को कमजोर बनाने की वजह हो सकते हैं. जब तुलसी को ठीक मात्रा में पोषण नहीं मिलता, तो उसकी पत्तियां धीरे-धीरे पीली होकर झड़ने लगती हैं.
केले के छिलके से बनाएं नेचुरल खाद
अगर आप इस समस्या का आसान और घरेलू उपाय खोज रहे हैं, तो केले का छिलका आपके लिए बेस्ट साबित हो सकता है. केले के छिलकों में पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे तत् अच्छी खासी मात्रा में पाए जाते हैं, जो पौधे की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और उसके विकास में मदद करते हैं.
कैसे करें छिलके का इस्तेमाल
इस उपाय को अपनाने के लिए केले के छिलकों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें. जब ये पूरी तरह सूख जाएं, तो इसे पीसकर पाउडर बना लें. अब एक लीटर पानी में एक चम्मच इस पाउडर को मिलाकर घोल तैयार करें. इस घोल को पौधे की जड़ों में डालें. ध्यान रखें कि घोल डालने से पहले मिट्टी को थोड़ा ढीला कर लें जिससे पोषण सीधे जड़ों तक जा सके. हफ्ते में इस घोल को 2-3 बार इस्तेमाल करने से आप अपने तुलसी के पौधे में अच्छी खासी ग्रोथ देख सकेंगे. साथ ही वह दोबारा हरा-भरा हो जाएगा.