International Tea Day: पेड़ से टूटकर गर्म पानी में गिरी पत्ती से हुआ चाय का अविष्कार, हर भारतीय का पसंदीदा पेय, ऐसे पहुंचा भारत

भारत में 'चलो चाय पर मिलते हैं' सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का तरीका है. घर में मेहमान आएं, दोस्तों से मुलाकात हो या ऑफिस में ब्रेक… चाय हर मौके पर मौजूद रहती है.

Tea History
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:48 AM IST

भारत में करोड़ों लोगों के दिन की शुरुआत चाय से होती है. रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस की कैंटीन हो या फिर घर की रसोई, चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि लोगों की आदत, बातचीत और रिश्तों का हिस्सा बन चुकी है. 21 मई को दुनियाभर में International Tea Day मनाया जाता है. यह दिन चाय के इतिहास, खेती और उससे जुड़े लाखों लोगों के योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाय का आविष्कार किसी लैब में नहीं, बल्कि एक संयोग से हुआ था? चलिए चाय पर बात करने से पहले जान लेते हैं इसका किस्सा...

ऐसे हुई थी चाय की खोज
चाय की खोज को लेकर सबसे प्रसिद्ध कहानी चीन से जुड़ी है. माना जाता है कि करीब 2737 ईसा पूर्व चीन के सम्राट शेन नुंग गर्म पानी पी रहे थे. उसी दौरान पास के पेड़ की कुछ पत्तियां उड़कर उनके बर्तन में गिर गईं. पानी का रंग बदल गया और उससे खुशबू आने लगी. जब सम्राट ने उसे पिया तो स्वाद पसंद आया. कहा जाता है कि यहीं से चाय की शुरुआत हुई. हालांकि इतिहासकार इसे एक लोककथा भी मानते हैं, लेकिन चीन को ही चाय की जन्मस्थली माना जाता है. चीन में हरी चाय सबसे लोकप्रिय किस्म है.

भारत में कैसे पहुंची चाय?
भारत में चाय का इस्तेमाल शुरुआत में दवा के रूप में होता था. लेकिन बड़े स्तर पर चाय की खेती ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुई. 19वीं सदी में अंग्रेजों ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत में चाय उत्पादन शुरू हुआ. इसके बाद असम और दार्जिलिंग में चाय बागानों की शुरुआत हुई. असम की जलवायु चाय के लिए बेहद अनुकूल निकली और धीरे-धीरे भारत दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादक देशों में शामिल हो गया.

अंग्रेजों ने बनाई चाय पीने की आदत...
शुरुआत में भारत में आम लोग चाय ज्यादा नहीं पीते थे. अंग्रेजों ने रेलवे स्टेशनों, फैक्ट्रियों और बाजारों में चाय बेचना शुरू किया. धीरे-धीरे दूध, चीनी और मसालों के साथ भारतीय शैली की चाय लोकप्रिय हो गई. आज कटिंग चाय, अदरक वाली चाय और मसाला चाय जैसी कई किस्में भारत की पहचान बन चुकी हैं.

हर राज्य में अलग स्वाद

  • कश्मीर में कहवा पी जाती है.

  • गुजरात और महाराष्ट्र में कटिंग चाय मशहूर है.

  • बंगाल में मिट्टी के कुल्हड़ में चाय पीने का अलग ही मजा है.

  • बिहार और यूपी में अदरक और इलायची वाली दूध चाय सबसे ज्यादा पसंद की जाती है.

दुनिया में चाय का कितना बड़ा बाजार?
संयुक्त राष्ट्र ने 2019 में 21 मई को International Tea Day घोषित किया था. इसका मकसद चाय उत्पादन से जुड़े किसानों और मजदूरों की स्थिति पर ध्यान देना था. भारत, चीन, श्रीलंका और केन्या जैसे देशों में लाखों लोग चाय उद्योग से जुड़े हैं. भारत दुनिया के सबसे बड़े चाय उपभोक्ता देशों में भी शामिल है.

सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत से भी जुड़ी है चाय
सीमित मात्रा में चाय पीना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है. ग्रीन टी और ब्लैक टी में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. हालांकि ज्यादा चीनी और बहुत अधिक चाय पीना नुकसानदायक भी हो सकता है.

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