जयपुर में आयोजित चाय फेस्टिवल 2026 का समापन कुछ ऐसे अंदाज में हुआ, जिसने यह साबित कर दिया कि चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक भावना, एक कहानी और एक स्टाइल स्टेटमेंट भी है. फेस्टिवल के आखिरी दिन आयोजित चाय कोट्योर फैशन शो ने दर्शकों को चौका दिया, जहां मॉडल्स कपड़े पहनकर नहीं, बल्कि चाय के अलग-अलग रूप बनकर रैंप पर उतरे.
इस अनोखे फैशन शो में किसी ने खुद को चाय की पत्ती के रूप में पेश किया, तो कोई पेड़ बनकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता नजर आया. वहीं एक मॉडल ने चाय की दुकान पर काम करने वाले छोटू का किरदार में नजर आया. मॉडल्स के हाथों में केतली, कुल्हड़, कप और ग्लास थे, जिसने पूरे माहौल को एक अलग ही रंग में रंग दिया. दर्शकों की तालियों और उत्साह ने इस शो को और भी खास बना दिया.
सस्टेनेबिलिटी थी शो की थीम
लीला इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के स्टूडेंट्स ने अपने क्रिएटिव डिजाइन के जरिए यह दिखाया कि फैशन सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और पर्यावरण से जुड़े संदेश देने का भी सशक्त माध्यम बन सकता है. शो की खास थीम सस्टेनेबिलिटी रही, जिसे बेहद रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया. रीसायकल मटेरियल, डॉयबल क्लॉथ और टूटी हुई क्रॉकरी से बने आउटफिट्स ने सभी का ध्यान खींचा.
फैशन डिजाइनर नीतू बूतरा और नविता शर्मा के निर्देशन में तैयार किए गए कपड़ों को चाय और कॉफी की डाई से रंगा गया था. इनका टेक्सचर और रंग इतना आकर्षक था कि दर्शक उन्हें देर तक निहारते रहे. इसके अलावा टूटी हुई कप और प्लेट्स से बनाई गई ज्वैलरी और एक्सेसरीज़ ने यह संदेश दिया कि बेकार चीजों को भी नए रूप में उपयोग किया जा सकता है.
सोलर पैनल बनकर रैंप पर उतरी मॉडल
फैशन शो में एक खास प्रस्तुति ऊर्जा संकट पर आधारित थी, जिसमें एक मॉडल सोलर पैनल बनकर रैंप पर उतरी. इसके जरिए लोगों को बिजली की बचत और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग के लिए जागरूक किया गया. यह प्रस्तुति फैशन के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दे गई.
फेस्टिवल के अंतिम दिन तीन लाइव टॉक सेशन भी आयोजित किए गए, जिनमें चाय संस्कृति, सस्टेनेबल फैशन और क्रिएटिव इंडस्ट्री में नए प्रयोगों पर चर्चा हुई. युवाओं ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नई सोच को समझने का अवसर पाया. इस तरह 'चाय कोट्योर' फैशन शो ने यह साबित कर दिया कि फैशन और संस्कृति का मेल न केवल आकर्षक हो सकता है, बल्कि समाज को नई दिशा देने का जरिया भी बन सकता है.
रिपोर्टर: रिदम
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