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एक टीचर के भरोसे 5वीं तक की पढ़ाई, नाराज पैरेंट्स ने स्कूल में जड़ा ताला

महाराष्ट्र के जालना के एक गांव में अभिभावकों ने जिला परिषद स्कूल में ताला जड़ दिया. अभिभावकों ने टीचर्स की नियुक्ति के लिए प्रशासन को 8 दिन का अल्टीमेटम दिया है. दरअसल इस स्कूल में एक ही टीचर के भरोसे 5वीं तक की पढ़ाई होती है. इससे अभिभावक नाराज हैं.

Jalna News
गौरव विजय साली
  • जालना,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

महाराष्ट्र के जालना जिले के अंबड तहसील के रामगव्हाण (बु.) गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. गांव की जिला परिषद स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल को ताला लगा दिया. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में दो शिक्षकों के पद मंजूर हैं, लेकिन इनमें से एक शिक्षक पिछले करीब चार वर्षों से स्कूल में गैरहाजिर है. ऐसे में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ एक शिक्षक पर आ गई है. 

4 साल से स्कूल में शिक्षकों की कमी-
रामगव्हाण (बु.) गांव की जिला परिषद स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं. स्कूल में दो शिक्षक मंजूर होने के बावजूद एक शिक्षक लंबे समय से गैरहाजिर होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. अभिभावकों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से स्कूल में शिक्षक की कमी को लेकर लगातार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है. गुट शिक्षा अधिकारी, शिक्षा अधिकारी और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO को कई बार ज्ञापन देकर स्कूल में अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की गई. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप अभिभावकों ने लगाया है. 

5वीं तक की पढ़ाई एक टीचर के भरोसे-
एक ही शिक्षक को पहली से पांचवीं तक की अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को संभालना पड़ रहा है. इससे पढ़ाई का स्तर प्रभावित होने के साथ ही विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान होने की चिंता अभिभावकों ने जताई है. चार साल तक शिकायतों और निवेदनों के बावजूद शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से आखिरकार अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. 

स्कूल में लगाया ताला-
गांववालों ने स्कूल पहुंचकर स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. अभिभावकों की मांग है कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए स्कूल में तत्काल अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की जाए. उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है. लेकिन शिक्षक के अभाव में विद्यार्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.

अभिभावकों ने दिया 8 दिन का अल्टीमेटम-
अभिभावकों ने प्रशासन को अब आठ दिनों का अल्टीमेटम दिया है. आठ दिनों के भीतर स्कूल में शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई, तो आगामी मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के मौके पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय में ही विद्यार्थियों की कक्षा लगाने की चेतावनी दी गई है. अब देखना होगा कि अभिभावकों के आंदोलन के बाद शिक्षा विभाग और जिला परिषद प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कारवाई करता है और रामगव्हाण की जिला परिषद स्कूल को शिक्षक कब मिलता है.

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