अगर कोई आपसे कहे कि जितने ज्यादा आम खाओगे, उतना बड़ा इनाम पाओगे, तो शायद आप भी चौंक जाएं. बेतिया में आयोजित 'जर्दा आम खाओ, इनाम पाओ' प्रतियोगिता में यही हुआ, जहां आम खाने वालों के लिए वैष्णो देवी यात्रा तक का इंतजाम किया गया. पश्चिम चंपारण की पहचान माने जाने वाले प्रसिद्ध जर्दा आम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता का आयोजन शहर के एक निजी रेस्टोरेंट में किया गया, जहां प्रतिभागियों ने जर्दा आम खाने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया.
सैकड़ों प्रतिभागियों में से 10 पहुंचे फाइनल राउंड में
प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कई चरणों की प्रतिस्पर्धा के बाद तीसरे और अंतिम राउंड के लिए 10 प्रतिभागियों का चयन किया गया. फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें प्रतिभागियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली.
37 आम खाकर शिवनाथ यादव ने हासिल किया पहला स्थान
फाइनल राउंड में नौतन के सनसरैया निवासी शिवनाथ यादव ने सबसे अधिक 37 जर्दा आम खाकर पहला स्थान प्राप्त किया. पूर्वी चंपारण के केसरिया निवासी लड्डू श्रीवास्तव ने 35 आम खाकर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि जगदीशपुर के राकेश कुशवाहा तीसरे स्थान पर रहे. इसके अलावा सात अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
विजेताओं को ट्रस्ट कराएगा वैष्णो देवी दर्शन
चम्पारण वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय गिरी ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए घोषणा की कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को वैष्णो देवी दर्शन के लिए निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी. यात्रा में आने-जाने का किराया, ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं का खर्च ट्रस्ट वहन करेगा.
जर्दा आम को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पश्चिम चंपारण के प्रसिद्ध जर्दा आम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और स्थानीय किसानों व आम उत्पादकों को प्रोत्साहित करना है. कार्यक्रम के दौरान जर्दा आम को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया. ट्रस्ट ने भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही.
-अभिषेक पांडे की रिपोर्ट
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