अमिताभ बच्चन जैसे बड़े अभिनेता और दिल्ली-नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल का कनेक्शन कानपुर से निकला है. यूपी एटीएस ने शनिवार को कानपुर के एक घर से अंकित शंखवार नाम के युवक को गिरफ्तार किया. आरोप है कि वह पिछले कई साल से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बांग्लादेशी नागरिक अलामिन इस्लाम को भेजता था. इन आईडी का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोग धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए करते थे. अंकित के लैपटॉप से 5 लाख से ज्यादा ईमेल आईडी का रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है. परिवार को उसकी गतिविधियों की भनक तक नहीं थी. वह घर में खुद को शेयर मार्केट का काम करने वाला बताता था.
पुराना लैपटॉप खरीदकर शुरू किया काम
अंकित मूल रूप से कानपुर के घाटमपुर का रहने वाला है. वह सेन पश्चिमपारा इलाके की देहली सुजानपुर कॉलोनी में रह रहा था. परिवार के मुताबिक, इंटर पास करने के बाद उसने एक पुराना लैपटॉप खरीदा था. इसके बाद वह ज्यादातर समय लैपटॉप पर ही लगा रहता था. मां सावित्री के मुताबिक, अंकित कहता था कि वह शेयर मार्केट का काम करता है. परिवार के किसी सदस्य को उसके काम पर शक नहीं हुआ. एटीएस का आरोप है कि इसी लैपटॉप से वह फर्जी ईमेल आईडी तैयार करता था और उन्हें दूसरे लोगों तक पहुंचाता था.
बांग्लादेशी नागरिक के संपर्क में था अंकित
एटीएस के मुताबिक, अंकित पिछले कई साल से बांग्लादेश के नागरिक अलामिन इस्लाम के संपर्क में था. वह उसे फर्जी ईमेल आईडी भेजता था. जांच में उसके लैपटॉप से 5 लाख से ज्यादा ईमेल आईडी का रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई है. जांच एजेंसियों को उसके संपर्क पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की और अमेरिका समेत कई देशों के लोगों से होने के संकेत मिले हैं. आरोप है कि फेसबुक के जरिए भी वह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के संपर्क में आया था. ये लोग फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर अभिनेताओं और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां भेजते थे.
वर्दी में घर पहुंचे ATS के जवान, पूछताछ के बहाने ले गए
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, एटीएस को सूचना मिली थी कि अभिनेताओं और स्कूलों को धमकी देने वाले ईमेल आईडी का संचालन कानपुर से हो रहा है. इसके बाद गोपनीय तरीके से जांच शुरू की गई. शनिवार को एटीएस ने देहली सुजानपुर कॉलोनी से अंकित को गिरफ्तार कर लिया. परिवार का कहना है कि दो लोग सादी वर्दी में घर आए थे. उन्होंने खुद को एटीएस का कर्मचारी बताया और अंकित को पूछताछ के लिए साथ ले गए. मां को बताया गया कि पांच मिनट में छोड़ देंगे, लेकिन बाद में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली.
पिता रिक्शा चलाते हैं, मां घरों में करती हैं काम
अंकित के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. उसके पिता प्रहलाद रिक्शा चलाते हैं, जबकि मां सावित्री दूसरे घरों में काम करती हैं. परिवार में तीन बेटे हैं और अंकित सबसे छोटा है. उसका एक भाई धर्मेंद्र अरुणाचल प्रदेश में नगर निगम के लिए कुत्ते पकड़ने का काम करता है. अंकित की गिरफ्तारी के बाद परिवार सदमे में है. माता-पिता का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह लैपटॉप पर बैठकर क्या काम करता है. मोहल्ले के लोग भी उसकी गिरफ्तारी की खबर सुनकर हैरान हैं.
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