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Labourer saves life: डिप्रेशन के कारण देने जा रहा था मैनेजमेंट ग्रेजुएट जान, मजदूर ने खुद की परवाह किए बगैर बचाई जान 

घटना शाम करीब 4.30 बजे गणेश विसर्जन घाट पर हुई जब मंदीप शिल्पकार पास के एक ढाबे पर काम कर रहे थे. शिल्पकार ने कहा कि वह एक दूसरे सहकर्मी के साथ कचरा फेंकने के लिए खाड़ी के पास गया था. जब देखा कि वह युवा जान देने जा रहा है को उसे बचाने के लिए खुद खाड़ी में कूद गए.

दिहाड़ी मजदूर ने बचाई जान
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST
  • दूसरे को बचाने के लिए कूद गया खाड़ी में 
  • दूसरे को बचाने के लिए कूद गए खाड़ी में 

खुद की जान की परवाह किए बगैर एक 20 साल एक युवक ने तैरकर एक व्यक्ति को मरने से बचाया. दरअसल, मानसिक रूप से अवसादग्रस्त एक युवक को बचाने के लिए मंगलवार को एक 20 साल के दिहाड़ी मजदूर कोलशेत क्रीक में कूद गया. वह व्यक्ति लगभग 50 मीटर तक तैरकर अपनी कार सीधे पानी में गिराकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा था. यही देखते हुए 20 साल के मंदीप शिल्पकार ने उसकी जान बचाई. 

दूसरे को बचाने के लिए कूद गए खाड़ी में 

पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब 4.30 बजे गणेश विसर्जन घाट पर हुई जब मंदीप शिल्पकार पास के एक ढाबे पर काम कर रहे थे. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट एक मुताबिक, शिल्पकार ने कहा कि वह एक दूसरे सहकर्मी के साथ कचरा फेंकने के लिए खाड़ी के पास गया था. मंदीप ने बताया, “लगभग 100 मीटर दूर, मैंने एक कार को तेज स्पीड से पानी में जाते देखा. युवा ड्राइवर के चेहरे ने मुझे मेरे भाई की याद दिला दी. खाड़ी के आसपास केवल दो या तीन लोग थे और हम एक-दूसरे को घूर रहे थे. कुछ लोग चिल्लाने भी लगे. उन्होंने बताया कि पानी में गिरने के बाद कार का डिब्बा खुल गया. जब मैंने फिर से चेहरा देखा, तो मैं 100 मीटर की दूरी तक दौड़ा और खाड़ी में कूद गया और लगभग 50 मीटर तक तैरता रहा. इस घटना को पांच से दस मिनट बीत चुके थे.”

हाथ देकर बचाई जान 

मंदीप ने बूट का दरवाजा खुला रखा और उस व्यक्ति से बातचीत शुरू की. मंदीप ने बताया, “मैं हिंदी बोल रहा था, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि वह इसे समझ रहा था या नहीं. वह डरा हुआ लग रहा था और मैंने उससे कहा कि सब कुछ भूल जाओ और सिर्फ मुझे अपना हाथ दो. उसके मन में कुछ चल रहा था, लेकिन आखिरकार उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. मैंने उसे कार से बाहर निकाला और हम दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला."

बाद में कार को भी निकाला गया बाहर 

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बीच, एक अन्य कर्मचारी ने ठेकेदार को सूचित किया जिसने ठाणे क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल (आरडीएमसी) और फायर ब्रिगेड को सतर्क कर दिया. आरडीएमसी अधिकारी यासीन तदावी ने कहा, “जब हम मौके पर पहुंचे, तो आदमी को पहले ही बचाया जा चुका था और वोक्सवैगन वेंटो की छत पानी की सतह पर दिखाई दे रही थी. हमारे दो तैराक अंदर गए और कार में रस्सी बांधी और फायर ब्रिगेड की गाड़ी की मदद से हमने गाड़ी को बाहर निकाला.''

मेंटल प्रेशर के कारण करना चाहता था सुसाइड 

कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि 25 साल का यह व्यक्ति ठाणे के एक संपन्न परिवार से है और उसने मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है. वह मेंटल प्रेशर में था जिसके कारण वह आत्महत्या करके मरना चाहता था. उनके पिता एक डॉक्टर हैं और उन्होंने हमें अपने डिप्रेशन के बारे में बताया था. परिवार ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए शिल्पकार को धन्यवाद दिया और सराहना के तौर पर उन्हें ₹1,000 दिए. 

 

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