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रहस्यमयी लाल झील! जहां पानी में जाते ही जानवरों की लाशें बन जाती हैं पत्थर, आखिर क्या है इस झील के पानी का राज?

लेक नैट्रॉन के पानी का लाल, गुलाबी और नारंगी रंग किसी खून की वजह से नहीं है. इसका कारण पानी में पनपने वाले नमक पसंद करने वाले सूक्ष्मजीव और साइनोबैक्टीरिया हैं. पानी के अलग-अलग हिस्सों और गहराई के अनुसार इसका रंग बदल सकता है.

Red Lake
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST

अफ्रीका में एक ऐसी झील है, जिसका पानी दूर से देखने पर खून जैसा लाल या नारंगी नजर आता है. नाम है लेक नैट्रॉन और यह उत्तरी तंजानिया में स्थित है. झील की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद खारा और क्षारीय पानी है. यही वजह है कि यहां ज्यादातर जीवों के लिए रहना मुश्किल होता है. पानी में गिरकर मरने वाले कुछ पक्षियों और दूसरे जीवों के अवशेष नमक और खनिजों की परत से ऐसे सख्त हो सकते हैं कि वे पत्थर जैसे नजर आते हैं. हालांकि, यह कहना सही नहीं है कि झील हर जानवर को सीधे पत्थर बना देती है.

पानी का रंग लाल क्यों दिखाई देता है?
लेक नैट्रॉन के पानी का लाल, गुलाबी और नारंगी रंग किसी खून की वजह से नहीं है. इसका कारण पानी में पनपने वाले नमक पसंद करने वाले सूक्ष्मजीव और साइनोबैक्टीरिया हैं. पानी के अलग-अलग हिस्सों और गहराई के अनुसार इसका रंग बदल सकता है. झील में पानी का वाष्पीकरण होने पर नमक और दूसरे खनिजों की मात्रा बढ़ जाती है. इसी वातावरण में साइनोबैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और उनके कारण पानी में लाल और नारंगी रंग दिखाई देता है.

इतना खतरनाक क्यों है इसका पानी?
लेक नैट्रॉन का पानी सामान्य झीलों की तरह नहीं है. यहां क्षारीयता बहुत ज्यादा है और पानी का pH करीब 9 से 10.5 तक दर्ज किया गया है. पानी का तापमान भी कुछ परिस्थितियों में करीब 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इतनी ज्यादा क्षारीयता और नमक की वजह से इंसानों और ज्यादातर जानवरों के लिए इसमें रहना या लंबे समय तक संपर्क में रहना खतरनाक हो सकता है. यही कारण है कि इसे दुनिया की बेहद असामान्य झीलों में गिना जाता है.

जानवर पत्थर कैसे दिखने लगते हैं?
झील में किसी पक्षी या दूसरे जीव की मौत होने के बाद उसके शरीर पर नमक और सोडियम कार्बोनेट जैसे खनिजों की परत जम सकती है. इससे शरीर सूखकर और सख्त होकर ममी जैसी अवस्था में संरक्षित हो सकता है. यही वजह है कि झील के किनारे मिले कुछ पक्षियों के शव ऐसे दिखाई देते हैं, जैसे वे पत्थर के बने हों. दरअसल, यह शरीर का सचमुच पत्थर में बदल जाना नहीं, बल्कि खनिजों के जमाव से उसका कठोर और संरक्षित हो जाना है.

फिर यहां फ्लेमिंगो कैसे रहते हैं?
झील की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने कठिन वातावरण के बावजूद यहां लेसर फ्लेमिंगो बड़ी संख्या में आते हैं. झील उनके लिए भोजन और प्रजनन का महत्वपूर्ण स्थान है. नमकीन और क्षारीय पानी के बीच बनने वाले छोटे-छोटे नमक वाले द्वीप फ्लेमिंगो के लिए घोंसला बनाने की सुरक्षित जगह देते हैं. यहां मौजूद शैवाल और दूसरे सूक्ष्मजीव उनके भोजन का हिस्सा बनते हैं.

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