दिल्ली में ट्रैफिक चालानों से परेशान लोगों के लिए 14 फरवरी 2026 एक अहम तारीख साबित हो सकती है. इस दिन दिल्ली यातायात पुलिस और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है. यह लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगी, जहां पेंडिंग ट्रैफिक चालानों और नोटिसों का आपसी सहमति के आधार पर निपटारा किया जाएगा.
अक्सर लोगों को लगता है कि लोक अदालत में पहुंचते ही सभी ट्रैफिक चालान माफ कर दिए जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. लोक अदालत का उद्देश्य मामलों को तेजी से सुलझाना और जहां संभव हो, आपसी समझौते के जरिए समाधान निकालना होता है. यहां हर चालान को रद्द नहीं किया जाता, बल्कि नियमों के तहत राहत दी जाती है.
किन मामलों में मिल सकती है राहत?
लोक अदालत में सामान्य और कम गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों पर विचार किया जाता है। जैसे हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना, नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना, हल्की ओवरस्पीडिंग, ऐसे चालान जो पहले से अदालत में लंबित हैं.
इन मामलों में कई बार जुर्माने की राशि कम कर दी जाती है या एक निर्धारित रकम जमा कर मामला तुरंत निपटाया जा सकता है. इससे लोगों को कोर्ट के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और समय व धन दोनों की बचत होती है.
किन मामलों में नहीं मिलेगी माफी?
कुछ उल्लंघन गंभीर श्रेणी में आते हैं, जिन्हें लोक अदालत में माफ नहीं किया जाता। इनमें शामिल हैं शराब या नशे की हालत में वाहन चलाना, हिट एंड रन के मामले, सड़क दुर्घटना से जुड़े केस, रेड लाइट तोड़कर हादसा करना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना, चोरी की गाड़ी या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल.
ऐसे मामलों में लोक अदालत केवल प्रक्रिया को सरल बना सकती है, लेकिन सजा या चालान पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता.
लोक अदालत जाने से पहले ध्यान रखें रखें ये बात
लोक अदालत में शामिल होने से पहले अपने चालान की स्थिति ऑनलाइन जांच लें. यह सुनिश्चित करें कि मामला कोर्ट में दर्ज या लंबित है. साथ ही वाहन की आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं. पूरी तैयारी के साथ पहुंचने पर आपका मामला जल्दी निपट सकता है.
कहां आयोजित होगी विशेष लोक अदालत?
यह विशेष लोक अदालत दिल्ली के सात प्रमुख न्यायालय परिसरों में आयोजित की जाएगी. इनमें पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट शामिल हैं. अगर आपके ट्रैफिक चालान लंबे समय से लंबित हैं, तो यह लोक अदालत उन्हें सुलझाने का एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है.