सर्दी के मौसम में मोगरे के पौधे में खाद-पानी देने के बाद भी ग्रोथ नहीं होती है. सर्दी में मोगरे का पौधा डोरमेंसी पीरियड में चला जाता है, जिससे उसपर फूल आना बंद हो जाता है. यह एक सामान्य प्रोसेस है, लेकिन इसे सही देखभाल से फिर से सक्रिय किया जा सकता है. डोरमेंसी पीरियड में मोगरे के पौधे की मिट्टी की गुड़ाई जरूरी होती है. इसके बाद एलोवेरा की पत्तियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर गमले के किनारों पर डालें. एलोवेरा एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल का काम करता है.
सही खाद का इस्तेमाल-
डोरमेंसी पीरियड में पौधे को सही पोषण देने के लिए बर्मी कंपोस्ट, केले के छिलके का पाउडर और रॉक फास्फेट का उपयोग करना चाहिए. बर्मी कंपोस्ट पौधे की ग्रोथ को बढ़ावा देता है, जबकि केले के छिलके का पाउडर पोटेशियम प्रदान करता है. जिससे फूल आने में मदद मिलती है. रॉक फास्फेट में फास्फोरस, कैल्शियम और जिंक होते हैं, जो पौधे को तेजी से बूस्ट करते हैं.
सर्दी में कैसे देना चाहिए पानी?
सर्दियों में गमले की मिट्टी जल्दी सूखती नहीं है, इसलिए पानी तभी दें, जब मिट्टी ऊपर से 1-1.5 इंच सूख जाए. ओवर वाटरिंग से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जड़ें सुषुप्त अवस्था में चली जाती हैं. पानी इतना दें कि गमले की मिट्टी पूरी तरह भीग जाए. हालांकि इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पोषक तत्व नीचे न जाएं.
नीम ऑयल का छिड़काव-
सर्दी के मौसम में हर 10-12 दिन में नीम ऑयल का छिड़काव करना चाहिए. यह पौधे को इंसेक्ट्स से बचाता है और पत्तियों को खराब होने से रोकता है. सर्दियों में मोगरे के पौधे की सही देखभाल से उसकी ग्रोथ और फूल आने की प्रक्रिया को फिर से सक्रिय किया जा सकता है.
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